September 26, 2026

इंदौर में गोदाम पर छापा और बड़ा खुलासा, 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं, 9 हजार किट की बिक्री भी जांच के घेरे में

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इंदौर । इंदौर में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने धार कोठी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दवा गोदाम से 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट जब्त की हैं। इसके अलावा सिडेनफिल साइट्रेट और सेफ्टी पिल ब्रांड की दवाएं भी टीम को मिली हैं। जब्त दवाओं की कुल कीमत 52 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद अब विभाग की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था और इनकी बिक्री किन लोगों या संस्थानों को की गई।

यह कार्रवाई गुरुवार रात सेंट रेफियल स्कूल के पास धार कोठी क्षेत्र में क्वालिटी फार्मा से जुड़े एक गोदाम पर की गई। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित फर्म लाइसेंसी है लेकिन जांच के दौरान गोदाम में रखी दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने दवाओं को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान विभाग को यह जानकारी भी मिली कि संबंधित फर्म से करीब 9 हजार गर्भपात किट पहले ही बेचे जा चुके हैं। हालांकि इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में है। अधिकारियों ने संबंधित पक्ष से दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़े दस्तावेज तथा पूरा हिसाब उपलब्ध कराने को कहा है। रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी दवाएं किसे और किन परिस्थितियों में बेची गईं।

अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि इतनी बड़ी संख्या में गर्भपात किट और अन्य दवाएं गोदाम तक कैसे पहुंचीं। अधिकारियों की टीम दवाओं के स्रोत से लेकर उनकी सप्लाई और बिक्री तक की कड़ी को खंगाल रही है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों के तहत की गई थी या नहीं।

कार्रवाई के दौरान जावेद खान और अजय सवडतकर से संबंधित दवाएं भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसमें कौन कौन लोग शामिल थे।

औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गर्भपात से संबंधित दवाओं की बिक्री निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया और वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही की जानी चाहिए। विभाग को आशंका है कि इन दवाओं की बिक्री में नियमों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और बिक्री रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल के बाद ही सामने आएगा।

मामले में ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जब्त दवाओं और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच जारी है। ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल योगेश गुप्ता और लोकेश गुप्ता की टीम ने यह कार्रवाई की। अब आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद दवा कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड और गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री व्यवस्था पर विभाग की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।

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