छतरपुर में अंतिम संस्कार में जा रहे परिवार की बोलेरो ट्रक से टकराई, पांच लोगों की मौत, बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
जानकारी के अनुसार, बोलेरो में चालक समेत कुल छह लोग सवार थे। सभी लोग एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान चौका गांव के नजदीक बोलेरो की ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के भीतर फंस गए। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बिजावर निवासी दौलत रैकवार, उनकी पत्नी बीना रैकवार, श्याम बाई रैकवार, संजय रैकवार और कौशल्या रैकवार के रूप में हुई है। दुर्घटना में बोलेरो चालक छोटू रैकवार की जान बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मातगुवां पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि परिवार के लोग एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। मृतक दौलत रैकवार की बेटी अलका का विवाह पिछले वर्ष छतरपुर जिले के बगौता गांव में हुआ था। हाल ही में अलका के ससुर का निधन हो गया था। इसी वजह से परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में चौका गांव के पास हुए हादसे ने परिवार की खुशियों और उम्मीदों को गहरे दुख में बदल दिया।
दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांचों लोग एक ही परिवार से जुड़े थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सदस्य राजू रैकवार ने बताया कि दुर्घटना में उनकी मां श्यामबाई, भाई दौलत, भाभी बीना, बहू कौशल्या और भतीजे संजय की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद उनके भाई और भाभी के बच्चे अनाथ हो गए हैं।
परिवार के पांच सदस्यों को एक साथ खोने का दर्द बयान करते हुए राजू रैकवार फूट-फूटकर रो पड़े। हादसे में बच्चों के माता-पिता और अन्य परिजनों की मौत से परिवार के सामने अब उनके पालन-पोषण और भविष्य की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
छतरपुर में हुई इस दुर्घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे परिजनों को रास्ते में ही अपनी जान गंवानी पड़ी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटे हैं।
