September 5, 2026

3 साल से अधूरी घोषणाओं पर फूटा अतिथि शिक्षकों का गुस्सा, शिक्षक दिवस पर भोपाल में होगा बड़ा प्रदर्शन

0
untitled-1788592983

भोपाल । शिक्षक दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। प्रदेशभर के हजारों अतिथि शिक्षक शनिवार 5 सितंबर को शाहजहानी पार्क में जुटेंगे और सरकार से लंबे समय से की जा रही घोषणाओं को लागू करने की मांग करेंगे। आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा अतिथि शिक्षकों को स्थायी रोजगार देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने का है। संगठन का कहना है कि कई सालों से स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद अतिथि शिक्षकों के सामने हर साल रोजगार का संकट बना रहता है और सरकार की ओर से किए गए वादे अब तक जमीन पर नहीं उतर पाए हैं।

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार के मुताबिक 2 सितंबर 2023 को भोपाल के लाल परेड मैदान में अतिथि शिक्षक पंचायत आयोजित हुई थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। इनमें वार्षिक अनुबंध लागू करने बीच सत्र में अतिथि शिक्षकों को बेरोजगार नहीं करने गुरुजियों की तर्ज पर नीति बनाकर नियमित करने और सीधी भर्ती में बोनस अंक देकर स्थायी रोजगार देने जैसी बातें शामिल थीं। संगठन का दावा है कि इन घोषणाओं को तीन साल पूरे होने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

अतिथि शिक्षक संगठन का कहना है कि वे लंबे समय से स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब केवल आश्वासन के बजाय सरकार से ठोस नीति की उम्मीद है। संगठन के मुताबिक प्रदेश में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों को सरकार की घोषणाओं पर अमल होने का सीधा फायदा मिल सकता है। उनका सवाल है कि अगर सरकार ने शिक्षकों के हित में घोषणाएं की थीं तो उन्हें लागू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। अतिथि शिक्षक इसे अपने रोजगार और भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रहे हैं।

संगठन की ओर से यह भी कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी अलग-अलग मौकों पर अतिथि शिक्षकों को स्थायी करने के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं। ऐसे में संगठन सरकार से मांग कर रहा है कि वर्षों से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के लिए ऐसी नीति बनाई जाए जिससे उनका रोजगार सुरक्षित हो सके और उन्हें हर सत्र में अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

इसी बीच स्कूल शिक्षा विभाग में सात हजार से ज्यादा पदों पर होने वाली नई नियुक्तियों को लेकर भी अतिथि शिक्षकों के बीच चिंता है। हालांकि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष का दावा है कि विभाग ने नई नियुक्तियों और वर्तमान व्यवस्था के बीच ऐसा तालमेल बैठाया है जिससे जिलों में पहले से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के रोजगार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद संगठन चाहता है कि सरकार स्थिति को स्पष्ट करे और लंबे समय से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पुनर्गठन के तहत स्वाति श्रीवास्तव को अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। संगठन का कहना है कि महिला अतिथि शिक्षकों की आवाज को भी आंदोलन में मजबूती से उठाया जाएगा।

अब शिक्षक दिवस के दिन होने वाला यह प्रदर्शन सरकार के लिए भी अहम माना जा रहा है। अतिथि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं और इस बार तीन साल पुरानी घोषणाओं को केंद्र में रखकर आंदोलन किया जा रहा है। ऐसे में शाहजहानी पार्क में जुटने वाले अतिथि शिक्षकों की संख्या और सरकार की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षक दिवस पर आंदोलन के बाद क्या अतिथि शिक्षकों को उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस आश्वासन मिलता है या फिर एक बार फिर उन्हें इंतजार करना पड़ेगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *