September 27, 2026

निशान और भव्य झांकियों के साथ निकला गोगादेव महाराज का चल समारोह, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

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देवास । देवास में गोगा नवमी के अवसर पर शनिवार रात लोक आराध्य जाहरवीर गोगादेव महाराज के सम्मान में भव्य चल समारोह निकाला गया। धार्मिक आस्था और उत्साह से भरे इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजजन शामिल हुए। पूरे मार्ग पर गोगादेव महाराज के जयकारों से माहौल भक्तिमय नजर आया। समारोह में पारंपरिक निशानों के साथ कई आकर्षक झांकियां शामिल की गईं जिन्हें देखने के लिए शहर के अलग अलग हिस्सों से लोग पहुंचे।

चल समारोह का आयोजन वाल्मीकि समाज छोटी पाती देवास की ओर से किया गया। आयोजन की शुरुआत उज्जैन रोड स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर से हुई। यहां से श्रद्धालुओं और समाजजनों के साथ चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों की ओर रवाना हुआ। जुलूस के आगे और पीछे बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जैसे जैसे समारोह शहर के बीच पहुंचा वैसे वैसे झांकियों के दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती गई।

इस दौरान माता बाछल की गोद में बाल स्वरूप में विराजित वीर गोगादेव महाराज की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी में गोगादेव महाराज के बाल स्वरूप को बेहद मनमोहक तरीके से प्रस्तुत किया गया था। माता बाछल की गोद में विराजित बाल गोगादेव की छवि देखकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। बड़ी संख्या में लोगों ने झांकी के दर्शन किए और गोगादेव महाराज से सुख समृद्धि की कामना की।

चल समारोह में भगवान सांवलिया सेठ की झांकी भी शामिल की गई थी। इस झांकी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शहर के जिन जिन मार्गों से समारोह गुजरा वहां श्रद्धालु पहले से ही झांकियों के स्वागत और दर्शन के लिए मौजूद रहे। कई स्थानों पर लोगों ने धार्मिक भाव के साथ चल समारोह का स्वागत किया। गोगादेव महाराज के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा।

गोगादेव महाराज को लोक आस्था में जाहरवीर के नाम से भी जाना जाता है। गोगा नवमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में उनकी पूजा और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। देवास में भी इस परंपरा के तहत हर वर्ष श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है। इस बार भी चल समारोह में समाज के लोगों के साथ अन्य धर्मप्रेमी नागरिकों ने भाग लेकर आयोजन को भव्यता प्रदान की।

गुरु गोरखनाथ मंदिर से शुरू हुआ यह चल समारोह एमजी रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए देर रात मीठा तालाब पहुंचा। यहां धार्मिक उत्साह के बीच समारोह का समापन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की मौजूदगी और झांकियों की भव्यता ने गोगा नवमी के पर्व को खास बना दिया। माता बाछल की गोद में बाल गोगादेव की झांकी विशेष रूप से लोगों के बीच चर्चा का विषय रही और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इसके दर्शन के लिए जुटे।

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