अमृत ग्रुप की कंपनियों और प्रमोटरों से जुड़े ठिकानों पर ईडी की रेड, निवेशकों से कथित धोखाधड़ी और फंड ट्रेल की जांच
यह जांच निवेश से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, अमृत ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों ने अलग-अलग डिपॉजिट स्कीम के नाम पर आम लोगों से रकम जमा कराई। निवेशकों को आकर्षक और अधिक रिटर्न देने का भरोसा दिलाए जाने का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक, बाद में कंपनी ने कथित तौर पर वादा किया गया रिटर्न नहीं दिया और निवेशकों की रकम भी वापस नहीं की।
मामले में शिकायतें सामने आने के बाद जांच आगे बढ़ी। ईडी को संदेह है कि निवेशकों से कथित तौर पर जुटाए गए चिटफंड के पैसों का इस्तेमाल रियल एस्टेट और निर्माण कारोबार में किया गया तथा इसी माध्यम से रकम को कथित तौर पर वैध दिखाने की कोशिश की गई। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी इसी वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
कोलकाता में नारकेलडांगा, नेताजी नगर और रवींद्र सरोबर थाना क्षेत्रों में छह स्थानों पर ईडी की टीमें पहुंचीं। वहीं, इंदौर में भी अमृत ग्रुप से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी ली गई। दोनों शहरों में एक साथ हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करना है।
इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में ईडी की कोलकाता टीम ने जमीन हड़पने और दस्तावेजों तथा जमीन के रिकॉर्ड में कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अमित गांगुली नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी मंगलवार रात की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, अमित गांगुली पर अलग-अलग लोगों और संस्थाओं की संपत्तियों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करने के आरोप हैं।
ईडी के मुताबिक, अमित गांगुली के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से 23 एफआईआर दर्ज हैं। एजेंसी इन मामलों और संपत्तियों से जुड़े कथित लेनदेन की भी जांच कर रही है। हालांकि, इन आरोपों और मामलों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
अमृत ग्रुप से जुड़ी कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य आधार निवेशकों से रकम जुटाने, कथित तौर पर रिटर्न का भुगतान नहीं करने और पैसों के संभावित दूसरे कारोबारों में इस्तेमाल से जुड़ी जांच है। ईडी की तलाशी के दौरान संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल कंपनी या उसके प्रमोटरों की ओर से ईडी की कार्रवाई को लेकर कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कोलकाता में छह और इंदौर में 11 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
