देवास हादसे में उजड़ा परिवार: एक ही दिन पत्नी और बेटी को खोने का दर्द, अंतिम विदाई में छलक पड़े आंसू
इस हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। बेटी को विदा करने के बाद धारूलाल सोलंकी को अपनी पत्नी के शव से भी अंतिम विदाई लेनी पड़ी। पत्नी का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम रूम से बाहर लाया गया तो वे खुद को संभाल नहीं सके। परिजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया और शव को अंतिम संस्कार के लिए देवास के संजय नगर ले जाया गया। एक ही दिन में पत्नी और बेटी को खो देने का यह दर्द पूरे परिवार पर भारी पड़ता दिखाई दिया।
शुक्रवार दोपहर खटांबा गांव में सूरज पूजा और मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। धार्मिक अनुष्ठान के बाद बड़ी संख्या में लोग भोजन कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। खराब मौसम के बीच मकान की छत का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा और उसके नीचे बैठी कई महिलाएं दब गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मां और बेटी को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर छज्जा गिरने के कारणों की जानकारी जुटाई।
शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। लक्ष्मी के शव को अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन भेजा गया, जबकि उनकी मां का अंतिम संस्कार देवास के संजय नगर में किया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी परिवार के दुख में शामिल हुए और अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। एक धार्मिक आयोजन में हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया।
