"समुद्र न होता तो अरब तक चुनाव लड़ने पहुंच जाते" CM मोहन यादव का गांधी परिवार पर तीखा तंज
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और उनके परिवार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो दिल्ली से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और परिवार के अन्य नेताओं ने दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि वहां के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते थे।
रायबरेली-अमेठी से वायनाड तक तंज
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि गांधी परिवार अब उत्तर प्रदेश की रायबरेली और अमेठी से आगे निकल चुका है।
उन्होंने कहा कि लोग यह भी कहते हैं कि बीच में समुद्र आ गया, वरना ये नेता चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों या किसी और जगह तक पहुंच जाते।
राहुल पर ‘पप्पू’ वाले बयान से हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर न्यायपालिका और सशस्त्र बलों पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीक के इस्तेमाल के साथ लोकतंत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन राहुल गांधी इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
इसी दौरान यादव ने राहुल गांधी को लेकर ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि नाम ही ‘पप्पू’ है तो काम भी उसी तरह करेंगे, इसमें क्या किया जा सकता है।
इंदौर के कांग्रेस कार्यक्रम को लेकर भी निशाना
मोहन यादव ने इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों और युवाओं की बात करने के नाम पर राहुल गांधी मध्य प्रदेश में ‘झूठ का पुलिंदा’ लेकर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य सरकार ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में गलत जानकारी फैला रही है।
यादव ने राहुल गांधी से मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकारें राज्य में डकैतों और नक्सलवाद की समस्या को रोकने में नाकाम रही थीं। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार ने राज्य से डकैतों और नक्सलियों दोनों का सफाया कर दिया है।
लाड़ली बहना के खातों में 1,835 करोड़
सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों के खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं और महिला लाभार्थियों को दी जा रही आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया गया।
