स्मित मछार की बहादुरी पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर BJP ने राहुल-प्रियंका और गांधी परिवार से जवाब मांगा
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि स्मित मछार की बहादुरी को लेकर गांधी परिवार की कथित खामोशी कांग्रेस के रुख पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने जाकिर नाइक और अफजल गुरु का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि ऐसे मामलों पर टिप्पणी करने वाले नेता स्मित मछार के मामले में चुप क्यों हैं। उन्होंने दावा किया कि जाकिर नाइक को शांति का मसीहा बताने और अफजल गुरु को परिस्थितियों का मारा बताने वाले लोगों ने स्मित मछार के मामले में कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी।
भाजपा प्रवक्ता ने स्मित मछार की बहादुरी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जान बचाने का काम किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बावजूद उनके बारे में कोई कुछ क्यों नहीं बोल रहा है। त्रिवेदी ने अपने आरोपों के समर्थन में बुरहान वानी और याकूब मेमन से जुड़े पुराने राजनीतिक बयानों तथा बाटला हाउस एनकाउंटर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर मुखर रहने वाले लोगों की ओर से स्मित मछार के मामले में अब तक चुप्पी क्यों है।
इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजनेताओं से लेकर फिल्मी जगत से जुड़े लोगों तक कई लोग भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की प्रशंसा कर रहे हैं। इसी को आधार बनाकर सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि कांग्रेस को स्मित मछार की बहादुरी को लेकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे सवाल किया कि बुरहान वानी और याकूब मेमन जैसे मामलों में तुरंत अपनी बात रखने वाले गांधी परिवार की ओर से स्मित मछार पर एक शब्द भी क्यों नहीं कहा गया। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले में सीधा जवाब चाहती है। त्रिवेदी के मुताबिक, स्मित मछार की बहादुरी पर कांग्रेस की कथित चुप्पी को लेकर पार्टी के रुख को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
भाजपा ने इस पूरे मामले को कांग्रेस और गांधी परिवार के कथित दोहरे मापदंड से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि स्मित मछार की बहादुरी के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व की ओर से प्रतिक्रिया नहीं आना सवाल पैदा करता है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण और वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप दोहराते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस मुद्दे पर जवाब मांगा। खबर में कांग्रेस या उसके संबंधित नेताओं की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं कराई गई है।
