नर्सिंग नौकरी का झांसा देकर दुबई ले जाई गई झारखंड की मोनिका कच्छप बंधक, परिवार ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार
मोनिका ने रांची के बुंडू से साढ़े तीन साल का नर्सिंग कोर्स पूरा किया था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है और घर का खर्च खेती-किसानी से चलता है। इसी वजह से मोनिका नौकरी करना चाहती थी। इसी दौरान वह ऑनलाइन माध्यम से एक एजेंसी और उसकी एजेंट प्रियंका के संपर्क में आई। परिवार के मुताबिक, प्रियंका ने उसे दुबई में अच्छी नौकरी मिलने और विदेश में रहने, खाने तथा आवास की सुविधा उपलब्ध होने का भरोसा दिया। इस पर विश्वास करते हुए मोनिका ने 22 अप्रैल 2026 को प्रियंका द्वारा बताए गए बैंक खाते में फोनपे के जरिए 5 हजार रुपये भेजे। आगे की यात्रा और विमान टिकट की व्यवस्था एजेंसी ने की और 5 मई को मोनिका दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह के लिए रवाना हुई।
परिवार की शिकायत के अनुसार, 6 मई को शारजाह पहुंचने के बाद एजेंसी की ओर से भेजी गई गाड़ी के चालक ने मोनिका का मूल पासपोर्ट अपने पास रख लिया। अगले दिन उसे अजमान स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया। वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के लोगों ने अरबी भाषा में लिखे कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए। मोनिका अरबी भाषा नहीं जानती थी। आरोप है कि उसका मोबाइल फोन भी ले लिया गया और प्रियंका के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत मिटा दी गई। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसे बताया गया कि उसने एजेंसी से 2600 दिरहम का कर्ज लिया है और 25 मई तक रकम नहीं चुकाने पर जेल भेजने की धमकी दी गई।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया, जहां करीब एक महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे झाड़ू-पोछा लगाने, बर्तन साफ करने और बाथरूम की सफाई जैसे काम कराए गए। इसके बाद 22 जून को उसे बिना वैध वर्क परमिट के दूसरे घर में घरेलू देखभाल के काम के लिए भेजे जाने की बात सामने आई। वहां की भाषा समझने में परेशानी होने के कारण वह काम नहीं कर सकी और अगले ही दिन उसे वापस कार्यालय छोड़ दिया गया।
मोनिका के पिता रतना कच्छप की शिकायत के आधार पर 29 सितंबर 2026 को रांची के एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में दुबई और अजमान में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन मजदूरी कराने और रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं। परिवार ने अब राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप कर मोनिका को सुरक्षित घर वापस लाने की मांग की है। परिवार और स्थानीय ग्रामीणों की अपील है कि उसे जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।
