October 25, 2026

भोपाल के सरकारी स्कूल में छात्रों का हंगामा, टीचर पर पैसे मांगने और मारपीट के आरोप, कार्रवाई के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

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नई दिल्ली। भोपाल के मिसरोद इलाके में सरकारी स्कूल की एक टीचर के खिलाफ छात्र छात्राओं का विरोध प्रदर्शन चर्चा में है। विद्यार्थियों ने टीचर पर गंभीर आरोप लगाते हुए करीब चार घंटे तक सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि उनसे पढ़ाई कराने के बजाय घर के काम कराए जाते हैं और ऐसा नहीं करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है। विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने जैसे आरोप भी लगाए हैं। मामला बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित टीचर का ट्रांसफर कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

यह मामला मिसरोद स्थित नवीन हायर सेकंडरी स्कूल का है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं स्कूल के बाहर सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने हाथों में पोस्टर लेकर टीचर के खिलाफ नारे लगाए। सूचना मिलने पर मिसरोद थाने के प्रभारी विमलेश कुमार राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल के प्राचार्य के साथ मिलकर विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि आरोपी टीचर को स्कूल से हटाए जाने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त किया जाएगा।

बताया गया कि 11वीं कक्षा के गणित और जीव विज्ञान विषय के विद्यार्थियों ने इससे पहले 3 अक्टूबर को प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि यूपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं के दौरान उनसे बेंच लगाने सफाई करने और रोल नंबर लिखने जैसे काम कराए जाते हैं। विद्यार्थियों का यह भी कहना था कि कई बार उन्हें रविवार को भी स्कूल बुलाया जाता है। छात्रों ने कहा कि वे पढ़ाई करने के लिए स्कूल आते हैं और उनसे कर्मचारियों की तरह काम नहीं कराया जाना चाहिए।

विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे मांगने का आरोप भी लगाया। शिकायत में दावा किया गया कि हर महीने प्रोजेक्ट के नाम पर 2500 रुपये मांगे जाते हैं। छात्रों के अनुसार पैसे नहीं देने पर पढ़ाई को लेकर दबाव बनाया जाता है। उनका आरोप है कि इसी तरह की स्थिति के कारण कुछ विद्यार्थियों ने विज्ञान विषय तक छोड़ दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि टीचर क्लास में पढ़ाने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहती हैं और सीनियर छात्रों के साथ मारपीट की जाती है।

इस मामले में छात्रों ने टीचर से एक विद्यार्थी की कथित बातचीत का ऑडियो भी सुनाया। इसमें पास या फेल कराने अभिभावकों से बातचीत और पैसे खर्च होने जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया गया। हालांकि ऑडियो में आवाज किसकी है और बातचीत किस वास्तविक संदर्भ में हुई थी इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन आरोपों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दूसरी ओर टीचर बबीता कुशवाह ने छात्रों के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वह वर्ष 1999 से अध्यापन कर रही हैं और उनके पास लंबे समय का शिक्षण अनुभव है। उन्होंने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए वह विद्यार्थियों के साथ सख्ती करती हैं लेकिन पैसे लेकर पास कराने या फेल करने का आरोप पूरी तरह गलत है।

टीचर ने छात्रों से सफाई कराने के आरोप से भी इनकार किया। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को केवल अपना बैग साफ रखने के लिए कपड़ा रखने के लिए कहा जाता है। प्रैक्टिकल के दौरान इंस्ट्रूमेंट को व्यवस्थित करना और उनकी सफाई करना पढ़ाई की प्रक्रिया का हिस्सा है।

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य ने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायत के आधार पर बबीता कुशवाह का ट्रांसफर बागरोदा हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी और यहां करीब 37 लोगों का स्टाफ बताया गया है। बबीता कुशवाह वर्ष 2010 से इस स्कूल में पढ़ा रही थीं। फिलहाल ट्रांसफर और जांच की कार्रवाई के बाद छात्रों का प्रदर्शन खत्म हो गया है। अब पूरे मामले में विभागीय जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी क्योंकि छात्रों और टीचर की ओर से आरोपों को लेकर अलग अलग दावे सामने आए हैं।

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