October 25, 2026

यूपी में विद्युत सखियों ने जमा कराए 3,720 करोड़ रुपये के बिजली बिल, कमीशन से कमाए 47 करोड़ रुपये

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नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में विद्युत सखी योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अब तक 3,720 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल जमा कराए हैं। इसके बदले उन्हें 47 करोड़ रुपये से ज्यादा कमीशन मिला है। इन महिलाओं ने करीब 1.80 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिलों के भुगतान में भूमिका निभाई है।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के समन्वय से संचालित इस योजना में अब तक 31 हजार से अधिक महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें 16 हजार से ज्यादा महिलाएं सक्रिय रूप से बिजली बिल जमा कराने का काम कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आय अर्जित करने का अवसर उपलब्ध कराने के साथ उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल भुगतान की सुविधा बढ़ाना है।

योजना के माध्यम से महिलाएं अपने गांव और आसपास के इलाकों में रहकर ही काम कर सकती हैं। उन्हें रोजगार के लिए शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होती। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलने से महिलाएं परिवार की आमदनी में योगदान दे पा रही हैं। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

विद्युत सखियों के काम से बिजली उपभोक्ताओं को भी सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों को बिल जमा कराने के लिए दूर स्थित बिजली कार्यालयों या भुगतान केंद्रों तक जाने की जरूरत कम होती है। गांव में ही भुगतान की सुविधा मिलने से उनके समय और आने-जाने के खर्च की बचत हो सकती है। इस तरह योजना महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के साथ ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सेवा को अधिक सुलभ बनाने का प्रयास करती है।

विद्युत सखियों को काम शुरू करने से पहले प्रशिक्षण दिया जाता है और डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाता है। वे ई-वॉलेट के माध्यम से उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा करती हैं। इस काम के बदले उन्हें निर्धारित दर के अनुसार कमीशन मिलता है। योजना के तहत 2,000 रुपये तक का बिजली बिल जमा कराने पर 20 रुपये तक कमीशन दिया जाता है।

डिजिटल भुगतान व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल रही है। विद्युत सखियां उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के बीच एक संपर्क माध्यम के रूप में काम करती हैं। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बिल भुगतान की सुविधा मिलती है, जबकि बिजली विभाग को राजस्व संग्रह के लिए अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होता है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, प्रदेश में 16 हजार से अधिक सक्रिय विद्युत सखियां ग्रामीण उपभोक्ताओं तक बिजली बिल भुगतान की सुविधा पहुंचा रही हैं। इस पहल से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

विद्युत सखी योजना महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण रोजगार और जनसेवा को एक साथ जोड़ती है। अब तक 3,720 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल जमा कराने और 47 करोड़ रुपये से ज्यादा कमीशन अर्जित करने के आंकड़े इस योजना के दायरे को दर्शाते हैं। पंजीकृत महिलाओं में से 16 हजार से अधिक के सक्रिय होने के साथ यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बिल भुगतान की सुविधा और महिलाओं के लिए आय के अवसर उपलब्ध करा रही है।

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