बीच सड़क बेरिकेड्स, दोनों तरफ गड्ढे, रायसेन रोड पर कैसे निकलें वाहन, मेट्रो काम के बीच बढ़ी परेशानी
कॅरियर कॉलेज से रत्नागिरी के बीच कई स्थानों पर सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है। रायसेन रोड पर बस और लोडिंग वाहन भी फंसने की स्थिति सामने आ रही है। इससे कई बार यातायात प्रभावित हो जाता है। कांग्रेस नेता अभिनव बारोलिया ने सड़क की बदहाल स्थिति और फंसे वाहनों का वीडियो जारी किया है। वीडियो के जरिए उन्होंने सड़क की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभागों पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता के अनुसार रायसेन रोड पर हर दिन करीब 15 से 20 वाहन फंस जाते हैं। इनमें लोडिंग वाहनों के पहिए गड्ढों में फंसने के साथ बसों के कारण भी यातायात प्रभावित होने की बात कही गई है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर आम वाहन चालकों के साथ आसपास के रहवासियों और सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ रहा है।
रायसेन रोड पर मेट्रो की ब्लू लाइन का काम भी चल रहा है। भदभदा से रत्नागिरी तक प्रस्तावित ब्लू लाइन का रूट करीब 14.16 किलोमीटर लंबा बताया गया है। भदभदा से जवाहर चौक के बीच मेट्रो निर्माण कार्य के चलते सड़क के बीच में बेरिकेडिंग की गई है। निर्माण कार्य के लिए की गई खुदाई और लगातार बारिश के कारण सड़क के दोनों ओर की सतह कई जगह खराब हो गई है। संकरी सड़क और जर्जर हिस्सों के कारण वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई है।
भोपाल के दूसरे इलाकों में भी बारिश के बाद सड़कों की स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। करोंद एमपी नगर पॉलीटेक्निक चौराहा अवधपुरी रोहित नगर और अयोध्या बायपास सहित कई क्षेत्रों में सड़कें जगह जगह से उखड़ने की बात सामने आई है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से वाहन चालकों को परेशानी होती है जबकि मौसम साफ होने पर धूल की समस्या बढ़ जाती है।
कोहेफिजा क्षेत्र में भी सड़क की खराब हालत के कारण हादसे की स्थिति सामने आई है। सड़क से उखड़ी गिट्टी के कारण एक टू व्हीलर फिसल गई और एक बुजुर्ग गिरकर घायल हो गए। इस घटना ने सड़क की सतह और यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के बीच सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रायसेन रोड पर मेट्रो निर्माण और जर्जर सड़क के बीच लोगों को रोजाना आवागमन करना पड़ रहा है। अब जरूरत इस बात की है कि निर्माण क्षेत्र में सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह और सड़क की स्थिति को बेहतर करने के इंतजाम किए जाएं ताकि मेट्रो प्रोजेक्ट का काम भी चलता रहे और आम लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो।
