BJP की बैठक में मास्टर प्लान और परिसीमन पर मंथन, ध्रुवनारायण बोले पूरा ड्राफ्ट रद्द हो, आलोक शर्मा ने विधानसभा सीटों को लेकर उठाए सवाल
भोपाल । भोपाल में मास्टर प्लान के प्रस्तावित ड्राफ्ट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप बैठक में पार्टी के नेताओं ने ही इस ड्राफ्ट पर आपत्ति जताई और इसे लेकर जनता तथा व्यापारियों में नाराजगी होने की बात कही। शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित भोपाल जिले की बैठक में मध्य विधानसभा के पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को पूरी तरह रद्द करने की मांग रखी। वहीं सांसद आलोक शर्मा ने विधानसभा सीटों के आगामी परिसीमन को लेकर पिछले परिसीमन की खामियों का मुद्दा उठाया। बैठक में दोनों विषयों पर नेताओं ने अपनी राय रखी।
ध्रुवनारायण सिंह ने कहा कि भोपाल के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट से शहर के लोगों और व्यापारियों में नाराजगी है। उनके मुताबिक प्रस्तावित योजना को लेकर लोगों की चिंताओं को गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि मौजूदा ड्राफ्ट को रद्द किया जाए। मास्टर प्लान शहर के विकास और भविष्य की जरूरतों से जुड़ा अहम दस्तावेज होता है। ऐसे में इसके प्रावधानों को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रभावित लोगों की आपत्तियां चर्चा का विषय बन गई हैं। बैठक में उठी मांग से संकेत मिला कि इस मुद्दे पर भाजपा के भीतर भी विचार-विमर्श की जरूरत महसूस की जा रही है।
बैठक में आगामी विधानसभा परिसीमन पर भी चर्चा हुई। सांसद आलोक शर्मा ने पिछले परिसीमन की प्रक्रिया में खामियां होने की बात कही। उन्होंने कहा कि उस प्रक्रिया के चलते भोपाल की दो विधानसभा सीटें कांग्रेस के खाते में चली गई थीं। उनका कहना था कि इस बार परिसीमन के दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी। निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव का असर प्रतिनिधित्व और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। इसलिए इस प्रक्रिया को लेकर पार्टी नेताओं ने अपनी राय रखी और भविष्य की तैयारियों पर चर्चा की।
परिसीमन के संबंध में पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने सुझाव दिया कि मुस्लिम बहुल इलाकों को एक विधानसभा क्षेत्र में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने अनुसूचित जाति की बहुलता वाले क्षेत्रों को भी इसमें जोड़ने का सुझाव दिया ताकि संबंधित सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए जाने की संभावना बन सके। हालांकि परिसीमन और आरक्षण का निर्धारण संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होता है। किसी सीट की सीमाओं या आरक्षण में बदलाव केवल राजनीतिक सुझाव के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे पर आगे क्या निर्णय होगा यह संबंधित प्रक्रिया और नियमों पर निर्भर करेगा।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने की। उन्होंने भोपाल और रायसेन जिले के कोर ग्रुप तथा जिला स्तर के नेताओं से संगठन की गतिविधियों पर चर्चा की। चंद्रशेखर ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए नियमित जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती उसके समर्पित कार्यकर्ताओं और जनता के बीच निरंतर उपस्थिति से जुड़ी है। संगठनात्मक गतिविधियां केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करना जरूरी है।
चंद्रशेखर ने बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद कायम रखने की जरूरत भी बताई। उन्होंने जिला अध्यक्षों से संगठनात्मक कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली और नियमित बैठकों तथा जनसंपर्क अभियानों की समीक्षा पर जोर दिया। बैठक में जहां संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई वहीं मास्टर प्लान और परिसीमन जैसे मुद्दों ने राजनीतिक विमर्श को भी केंद्र में रखा। अब देखना होगा कि भोपाल के मास्टर प्लान पर उठी आपत्तियों और परिसीमन से जुड़े सुझावों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
