भोपाल से शुरू Ayurozena Ayurveda, 12 साल के फार्मास्युटिकल अनुभव के साथ आयुर्वेदिक पर्सनल केयर में नई पहल
Ayurozena Ayurveda की शुरुआत के पीछे विजय मिश्रा की फार्मेसी शिक्षा और पेशेवर अनुभव महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। उन्होंने भोपाल के Technocrats Institute of Technology से B.Pharm तथा RKDF College of Pharmacy से M.Pharm की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने फार्मास्युटिकल और मेडिकल क्षेत्र में लगभग 12 वर्षों तक काम किया।
अपने पेशेवर अनुभव के दौरान मिश्रा ने formulations, active ingredients और quality processes को नजदीक से समझा। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने पर्सनल केयर उत्पादों के निर्माण में केवल बाहरी प्रस्तुति के बजाय formulation और manufacturing process को महत्वपूर्ण मानते हुए ब्रांड की दिशा तय की।
ब्रांड को बाजार में उतारने से पहले विभिन्न स्तरों पर उत्पादों और निर्माण प्रक्रियाओं को समझने की कोशिश की गई। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कई manufacturing units का दौरा किया गया। उत्पादन प्रक्रियाओं को देखने के साथ विभिन्न formulations को source, test और compare किया गया।
ब्रांड के अनुसार, कई formulations को ingredients की गुणवत्ता, consistency और भारतीय त्वचा तथा जलवायु के अनुरूप उपयोगिता जैसे मानकों के आधार पर परखा गया। इस प्रक्रिया के बाद शुरुआती उत्पाद श्रृंखला में Baby Care Soap, Royal Ubtan Bar और Charcoal Detox Bar को शामिल किया गया।
Ayurozena Ayurveda की कार्यप्रणाली में आयुर्वेदिक ingredients और आधुनिक pharmaceutical approach को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया है। ब्रांड की सोच के अनुसार पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक गुणवत्ता प्रक्रियाएं एक-दूसरे के विकल्प के बजाय पूरक भूमिका निभा सकती हैं।
उत्पादों के निर्माण के लिए third-party manufacturing partner की सेवाएं ली जाती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निर्माण प्रक्रिया में GMP-aligned practices का पालन किया जाता है। उत्पादन से पहले प्रत्येक formulation की Founder स्तर पर व्यक्तिगत approval प्रक्रिया भी रखी गई है।
शुरुआती चरण में तीन उत्पादों के साथ बाजार में मौजूदगी बनाने के बाद ब्रांड का लक्ष्य अपनी Ayurvedic skincare और personal care range का विस्तार करना है। इस विस्तार में ऐसे उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिनमें पारंपरिक आयुर्वेदिक सोच के साथ आधुनिक manufacturing practices और गुणवत्ता पर ध्यान रखा जाए।
भोपाल से शुरू हुई यह पहल मध्य प्रदेश में आयुर्वेद आधारित पर्सनल केयर क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता और फार्मास्युटिकल अनुभव के मेल का उदाहरण प्रस्तुत करती है। ब्रांड के आगे बढ़ने के साथ उत्पादों की संख्या, श्रेणी और बाजार पहुंच में विस्तार इसकी आगामी दिशा का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
