Jio Platforms का 3.8 अरब डॉलर का IPO 21 अक्टूबर को खुल सकता है, भारत के सबसे बड़े IPO का बन सकता है रिकॉर्ड
प्रस्तावित IPO के जरिए कंपनी करीब 3.8 अरब डॉलर की रकम जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि, इस संबंध में कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। IPO के बाद 28 अक्टूबर को Jio Platforms के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग होने की उम्मीद जताई जा रही है। IPO का अंतिम आकार और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रस्तावित तारीख और रकम के आधार पर यह भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा सार्वजनिक निर्गम माना जा रहा है।
यदि Jio Platforms का IPO करीब 3.8 अरब डॉलर के आकार में आता है तो यह देश के अब तक के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकता है। वर्तमान में Hyundai Motor India का करीब 2.9 अरब डॉलर का IPO इस मामले में सबसे आगे है। इसके बाद NSE का करीब 2.3 अरब डॉलर का IPO रहा है। NSE ने पिछले महीने शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की थी। प्रस्तावित आकार के साथ Jio Platforms का IPO इन दोनों बड़े IPO से आगे निकल सकता है और भारतीय IPO बाजार में नया रिकॉर्ड बना सकता है।
IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी के टेलीकॉम डिविजन का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। Jio Platforms का कारोबार केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं है। कंपनी AI क्लाउड और एंटरप्राइज नेटवर्क जैसे क्षेत्रों में भी काम करती है। इन क्षेत्रों में विस्तार के साथ कंपनी का कारोबार टेलीकॉम से आगे बढ़ा है। IPO के जरिए जुटाई जाने वाली रकम से कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। कंपनी में Meta और Google जैसे बड़े विदेशी निवेशकों की भी हिस्सेदारी है, जो इसके प्रमुख विदेशी निवेशकों में शामिल हैं।
भारतीय IPO बाजार में आने वाले समय में कई बड़े निर्गम देखने को मिल सकते हैं। इनमें डेनमार्क की बीयर कंपनी Carlsberg का भारत कारोबार और होटल एग्रीगेटर Oyo की पैरेंट कंपनी Prism भी शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक करीब 250 कंपनियां कुल 4.65 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही हैं। ऐसे में Jio Platforms का प्रस्तावित IPO भारतीय IPO बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, 21 अक्टूबर को IPO खुलने, 28 अक्टूबर को लिस्टिंग और करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाने से जुड़ी अंतिम जानकारी कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
