ईरान-इराक संबंधों पर व्यक्तिगत बयानों का असर नहीं पड़ना चाहिए, विदेश मंत्रियों की बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा और बढ़ते तनाव पर गंभीर चर्चा
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने इराकी समकक्ष फुआद हुसैन से बातचीत में कहा कि तेहरान और बगदाद के संबंध केवल वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और साझा रणनीतिक हितों की मजबूत नींव पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, अच्छे पड़ोसी के सिद्धांत और निरंतर सहयोग के आधार पर दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाना दोनों पक्षों के हित में है।
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, सुरक्षा चुनौतियों और उनके संभावित प्रभावों का आकलन किया। चर्चा में इस बात पर भी सहमति जताई गई कि मौजूदा परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच नियमित संवाद, समन्वय और कूटनीतिक संपर्क बनाए रखना आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार के तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके तथा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने में सहयोग मिल सके।
इस बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज होती दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि उसने ईरान के खिलाफ नए हवाई अभियान शुरू किए हैं। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई हाल में हुए उन हमलों के जवाब में की गई है, जिनमें अमेरिकी सैनिक हताहत हुए। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिन्हें क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और अमेरिकी बलों के लिए खतरा माना जा रहा है।
अमेरिकी सेना के अनुसार हालिया हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है, जबकि एक अन्य सैनिक के लापता होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद सैन्य कार्रवाई को और तेज करते हुए नए हवाई हमलों की शुरुआत की गई। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण नागरिकों को भी नुकसान पहुंचा है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार हाल के हमलों में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाओं और बच्चों के शामिल होने का भी दावा किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में एक ओर जहां सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क बनाए रखने के प्रयास भी जारी हैं। ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों ने इस बात पर बल दिया कि संवाद और समन्वय ही क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, कूटनीतिक प्रयासों की निरंतरता आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीतिक और सामरिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
