ब्रिटेन के पूर्व पीएम बोले – भारत रूस से तेल खरीदकर “पुतिन की क्रूर युद्ध मशीन” को कर रहा फंड
लंदन। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री (Former British Prime Minister) बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने बुधवार को भारत (India) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह रूस (Russia) से तेल खरीदकर “पुतिन की क्रूर युद्ध मशीन” को फंड कर रहा है। उन्होंने अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) द्वारा भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के फैसले का भी खुला समर्थन किया। ट्रंप ने बुधवार को रूस से तेल खरीद जारी रखने पर भारत से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला टैरिफ अब बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है।
भारत पर लगे टैरिफ की खुशी मनाते हुए जॉनसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “डोनाल्ड ट्रंप ने साहसिक, सैद्धांतिक और तार्किक कदम उठाया है – आखिरकार उन देशों को सजा दी है जो रूसी तेल और गैस खरीदकर पुतिन की क्रूर युद्ध मशीन को फंड कर रहे थे। ब्रिटेन और बाकी यूरोप में भी ऐसा करने की हिम्मत कब होगी?”
उन्होंने आगे यूरोपीय नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, “यूरोपीय लोगों को ट्रंप के बारे में शिकायत करना और यह दावा करना अच्छा लगता है कि वे रूस के प्रति नरम रुख रखते हैं। लेकिन तीन साल बाद आखिरकार डोनाल्ड जे ट्रंप ही हैं जिन्होंने भारत को पुतिन के नरसंहार की कीमत चुकाने पर मजबूर किया है। वैसे, ब्रिटिश प्रधानमंत्री का क्या विचार है?” जॉनसन की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब कुछ ही दिन पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंदन दौरे पर थे और वहां वर्तमान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए।
बोरिस जॉनसन ने प्रभावशाली अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम के बयान को शेयर करते हुए ये टिप्पणियां कीं। लिंडसे ग्राहम ने भी भारत विरोधी बयान दिया। उन्होंने लिखा, “सस्ता रूसी तेल खरीदना अब पहले जितना आसान नहीं रहा। मैं राष्ट्रपति ट्रंप के उस फैसले को पूरी तरह समझता हूं और उसकी सराहना करता हूं जिसमें उन्होंने भारत पर अमेरिका आने वाले उसके सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का फैसला किया है, क्योंकि भारत पुतिन की युद्ध मशीन को मजबूत करने के लिए उनका तेल खरीदने पर अड़ा है, जिससे यूक्रेन में खून-खराबा जारी रहेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया को चेतावनी दे दी है कि अगर आप पुतिन का तेल खरीदना जारी रखेंगे, तो आपको बिना ज्यादा टैरिफ चुकाए अमेरिकी बाजार में प्रवेश नहीं मिलेगा। जो लोग ऐसा करते हैं, उनके लिए आप खुद ही जिम्मेदार हैं, कोई और नहीं। शाबाश, राष्ट्रपति महोदय। आप वो मजबूत और निर्णायक नेता हैं जिसका दुनिया यूक्रेन में इस खून-खराबे को खत्म करने के लिए इंतजार कर रही थी।”
ट्रंप ने लगाया 50% टैरिफ
डोनाल्ड ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश के तहत भारतीय उत्पादों पर अब कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगेगा- पहले से घोषित 25 प्रतिशत के अलावा अब अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी जोड़ा गया है। पहला चरण 7 अगस्त से लागू होगा, जबकि अतिरिक्त शुल्क 21 दिन बाद प्रभावी होगा। इस नई टैरिफ संरचना के तहत भारत अब ब्राजील के साथ अमेरिका के सबसे अधिक शुल्क झेलने वाले देशों की श्रेणी में आ गया है।
भारत की तीखी प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस कदम को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया और कहा कि भारत “अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता रहेगा।” एक आधिकारिक बयान में मंत्रालय ने कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए हैं, जबकि कई अन्य देश भी अपने-अपने राष्ट्रीय हितों के तहत समान कदम उठा रहे हैं।”
गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत ने रूस से तेल आयात में बढ़ोतरी की है, जिसे पश्चिमी देशों ने कई बार आलोचना की दृष्टि से देखा है। लेकिन भारत ने हर बार यह स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेता है, और उसका रूस से तेल खरीदना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन नहीं करता।
