CJP समर्थन के बदले पैसे लेने के आरोपों पर भड़कीं उर्फी जावेद, बोलीं- एक रुपया साबित करो, अकाउंट डिलीट कर दूंगी
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने अभियान के समर्थन के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और चर्चित चेहरों को भुगतान किया था। इसी दावे में उर्फी जावेद का नाम भी शामिल किया गया और आरोप लगाया गया कि उन्हें पार्टी का समर्थन करने के बदले एक लाख रुपये मिले थे। यह दावा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उर्फी जावेद ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया पर संबंधित खबर का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए पहले आश्चर्य व्यक्त किया और फिर वीडियो जारी कर आरोपों का विस्तार से जवाब दिया। उर्फी ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं और उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
उर्फी ने आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उनके बारे में गलत जानकारी फैलाई गई हो। उन्होंने दावा किया कि पहले भी उनके खिलाफ कई तरह की भ्रामक और असत्य बातें सार्वजनिक की जा चुकी हैं। उर्फी के अनुसार इस तरह के आरोप उनकी छवि खराब करने की कोशिश हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनके पेशे और सोशल मीडिया से होने वाली आय को समझता है तो वह ऐसे आरोपों पर आसानी से विश्वास नहीं करेगा। उर्फी ने तंज भरे अंदाज में कहा कि बिना किसी कारण केवल एक लाख रुपये के लिए किसी संगठन का समर्थन करने का आरोप वास्तविकता से मेल नहीं खाता। उनका कहना था कि ऐसे दावे तथ्यों के बजाय केवल अफवाहों पर आधारित हैं।
उर्फी जावेद ने यह भी दावा किया कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम से आर्थिक नुकसान हुआ है। उनके अनुसार CJP का समर्थन करने के बाद कई ब्रांड्स ने उनके साथ व्यावसायिक साझेदारी समाप्त कर दी, जिससे उन्हें वित्तीय हानि उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी प्रकार का भुगतान नहीं मिला, बल्कि इसके विपरीत उनके काम और कमाई पर असर पड़ा है।
इस मामले में उर्फी ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी भी आरोप को प्रकाशित करने से पहले उसके समर्थन में ठोस प्रमाण होना चाहिए। उन्होंने बिना पर्याप्त साक्ष्यों के केवल दावों के आधार पर खबरें प्रकाशित करने की प्रवृत्ति पर भी आपत्ति जताई।
उर्फी ने अंत में आरोप लगाने वालों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने CJP का समर्थन करने के बदले एक रुपया भी लिया है, तो वह उसी दिन अपना इंस्टाग्राम अकाउंट स्थायी रूप से बंद कर देंगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया उनके करियर और आय का प्रमुख माध्यम है, लेकिन यदि आरोप सही साबित होते हैं तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के अपना अकाउंट हटाने के लिए तैयार हैं। फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।
