March 8, 2026

Gaza में इजरायली सेना के नए ऑपरेशन से हाहाकार, सीजफायर के लिए नेतन्याहू तैयार, मगर रखी ये शर्त

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तेहरान। इजरायली सेना (Israeli Army.) के नई जमीनी ऑपरेशन (New Ground Operation) से हो रही मौतें और भूख के कारण गाजा (Gaza) में हाहाकार मचा है। इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu.) ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो हमास (Hamas) संग अस्थायी युद्धविराम पर तैयार हैं, अगर बंधकों की रिहाई संभव हो। बताया जा रहा है कि उन्होंने ये बयान गाज़ा में फिर से शुरू हुए सैन्य हमले और मानवीय संकट को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच दिया है।

नेतन्याहू का दावा- 20 से ज्यादा बंधक अभी भी जिंदा
नेतन्याहू ने कहा कि अब भी 20 से अधिक बंधक ज़िंदा माने जा रहे हैं। “बंधकों को छुड़ाने के लिए अस्थायी संघर्षविराम संभव है।” हालांकि उन्होंने दोहराया कि इजरायली सेना का उद्देश्य “पूरे गाज़ा पर नियंत्रण हासिल करना” है।

विदेशी राजनयिकों पर गोली चलाने का मामला बढ़ा
नेतन्याहू के बयान से कुछ घंटे पहले इज़रायली सेना ने वेस्ट बैंक के जेनिन में विदेशी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल पर गोलियां चलाई थी, जिससे नया कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, कुछ विदेशी राजनयिक वहां गए थे ताकि वे देख सकें कि इज़रायली सैन्य कार्रवाई से वहां क्या तबाही हुई है। लेकिन उस क्षेत्र को इज़रायली सेना ने “प्रतिबंधित क्षेत्र” घोषित किया हुआ था। सेना का कहना है कि उस प्रतिनिधिमंडल ने अनुमति वाले मार्ग से हटकर एक संवेदनशील ज़ोन में प्रवेश कर लिया। इसके बाद इज़रायली सैनिकों ने गोलियां चलाईं — सेना का दावा है कि ये “चेतावनी के लिए” थीं ताकि प्रतिनिधिमंडल उस इलाके से हट जाए। कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इस घटना को लेकर कई देशों और यूरोपीय संघ ने कड़ी आपत्ति जताई और इज़रायल से जांच की मांग की।

गाज़ा में भुखमरी और तबाही
गाज़ा में हालात बदतर हो गए हैं। रातभर के हमलों में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक हफ्ते का नवजात भी शामिल है। मानवीय संगठनों का कहना है कि हाल ही में खोले गए केरम शालोम क्रॉसिंग से जो मदद पहुंची है, वह “नहीं के बराबर” है। यूएन के प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा कारणों से अधिकांश मदद अब भी वितरण केंद्र से बाहर नहीं पहुंच सकी है। वहीं, “गाज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन” नामक एक अमेरिकी समर्थित संस्था जल्द ही 300 मिलियन भोजन वितरित करने का दावा कर रही है, लेकिन यूएन और अन्य प्रमुख एजेंसियों ने इससे दूरी बना ली है।

इज़रायली हमले अब फिर से गाज़ा के हर कोने में शुरू हो चुके हैं। गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 18 मार्च के बाद से अब तक 3509 और कुल 53,655 लोगों की जान जा चुकी है। इजरायल गाजा पर हमलों के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराता है, जिसने इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 को किए आतंकी हमले में 1200 से अधिक लोगों की जान ले ली थी और 250 से अधिक को बंधक बना लिया था।

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