July 26, 2026

वाराणसी की आध्यात्मिक यात्रा ने छुआ निवेथा पेथुराज का मन, काशी विश्वनाथ और मां गंगा पर लिखी भावुक बात

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नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री निवेथा पेथुराज एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने वाराणसी स्थित काशी की यात्रा की कुछ झलकियां साझा करते हुए अपने अनुभवों को भावनात्मक शब्दों में व्यक्त किया है। अभिनेत्री ने बताया कि कुछ स्थान केवल घूमने के लिए नहीं होते, बल्कि वे इंसान को अपने भीतर झांकने और ईश्वर से जुड़ने का अवसर देते हैं। उनकी इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है और प्रशंसक उनकी आस्था तथा विचारों की सराहना कर रहे हैं।

निवेथा पेथुराज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर काशी यात्रा का एक वीडियो साझा किया, जिसमें घाटों, मंदिरों और आध्यात्मिक वातावरण की झलक दिखाई गई। इसके साथ उन्होंने लिखा कि जब भी वह मणिकर्णिका घाट पर बैठकर मां गंगा के प्रवाह को देखती हैं, तो उन्हें उत्तरों से अधिक नए प्रश्न मिलते हैं। उनके अनुसार, मां गंगा सदियों के इतिहास की साक्षी रही हैं, लेकिन इसके बावजूद बिना किसी रुकावट और शिकायत के निरंतर बहती रहती हैं। यही निरंतरता और धैर्य जीवन के लिए सबसे बड़ी सीख प्रतीत होती है।

अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि वह अक्सर सोचती हैं कि क्या मां गंगा हर व्यक्ति को यही संदेश देने का प्रयास करती हैं कि जीवन में परिस्थितियों से उलझने के बजाय निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने इस अनुभव को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मचिंतन से जुड़ा एक गहरा एहसास बताया। उनके शब्दों में काशी का वातावरण व्यक्ति को स्वयं से संवाद करने का अवसर देता है और यही इस शहर की सबसे बड़ी विशेषता है।

निवेथा ने अपनी यात्रा के दौरान मिले धार्मिक अनुभवों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने का सौभाग्य मिला। इसके अलावा उन्होंने महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित रुद्री पाठ पूजा में भाग लिया और पवित्र निशिता काल पूजा के दौरान काल भैरव के दर्शन भी किए। उन्होंने इन धार्मिक अनुष्ठानों को अपने जीवन के सबसे यादगार और आध्यात्मिक अनुभवों में शामिल बताया।

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्हें कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे भगवान काल भैरव स्वयं उन्हें दोबारा काशी आने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके अनुसार, हर बार कोई न कोई ऐसा संयोग बन जाता है, जो उन्हें फिर से इस पवित्र नगरी तक पहुंचा देता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर काशी उन्हें बार-बार अपनी ओर क्यों आकर्षित करती है, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि शायद हर आस्था का उत्तर तर्क से नहीं, बल्कि अनुभूति से मिलता है।

अपनी पोस्ट के अंतिम हिस्से में निवेथा पेथुराज ने लिखा कि कुछ स्थान केवल यात्रा की मंजिल नहीं होते, बल्कि वे ईश्वर के साथ होने वाली ऐसी मौन बातचीत होते हैं, जिसका प्रभाव वहां से लौटने के बाद भी लंबे समय तक मन में बना रहता है। उनके इस भावनात्मक संदेश को प्रशंसकों ने काफी पसंद किया है। बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए काशी की आध्यात्मिक महिमा और अभिनेत्री की आस्था की सराहना की। निवेथा की यह यात्रा एक बार फिर यह दर्शाती है कि व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच भी आध्यात्मिक अनुभव व्यक्ति को आत्मिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं।

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