March 8, 2026

नेटफ्लिक्स का खौफनाक कलेक्शन: ये हैं भारत की सबसे डरावनी फिल्में और सीरीज, अकेले देखने की हिम्मत न करें

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नई दिल्ली । नेटफ्लिक्स ने ओटीटी की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है खासकर जब बात हॉरर और सुपरनेचुरल कंटेंट की हो। भारतीय दर्शकों के लिए नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध फिल्में और सीरीज न केवल डराती हैं बल्कि हमारी जड़ों और लोककथाओं से जुड़कर एक मनोवैज्ञानिक डर पैदा करती हैं। इस लिस्ट में सबसे ताजा नाम अजय देवगन और आर माधवन की फिल्म शैतान का है। साल 2024 की यह सुपरहिट फिल्म वशीकरण और काले जादू पर आधारित एक ऐसी साइकोलॉजिकल थ्रिलर है जो आपको शुरू से अंत तक कुर्सी से बांधे रखती है। विकास बहल द्वारा निर्देशित यह फिल्म गुजराती फिल्म वंश का रीमेक है जिसमें आर माधवन की डरावनी हंसी और अजय देवगन की बेबसी दर्शकों के मन में डर भर देती है।
वहीं अगर आप कुछ विजुअली शानदार लेकिन खौफनाक देखना चाहते हैं तो तम्बाड़ से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। सोहम शाह अभिनीत इस फिल्म को भारतीय सिनेमा की बेहतरीन हॉरर फिल्मों में गिना जाता है। लालच और श्राप की यह कहानी हस्तर नाम के एक ऐसे देवता के इर्द-गिर्द घूमती है जिसका नाम लेना भी वर्जित है। इसी कड़ी में तृप्ति डिमरी की बुलबुल भी एक मस्ट-वॉच फिल्म है। अनविता दत्त के निर्देशन में बनी यह फिल्म सुपरनेचुरल थ्रिलर होने के साथ-साथ एक गहरा सामाजिक संदेश भी देती है लेकिन इसके डरावने मोड़ आपको कांपने पर मजबूर कर देंगे।

सीरीज की बात करें तो राधिका आप्टे की घोल एक ऐसी मिनी सीरीज है जो मिलिट्री और अलौकिक शक्तियों का अद्भुत मिश्रण है। इसकी कहानी एक गुप्त डिटेंशन सेंटर में सेट है जहाँ एक कैदी ऐसा डरावना राज खोलता है जो सबके होश उड़ा देता है। इसके अलावा रेड चिलीज के बैनर तले बनी बेताल आपको जॉम्बी हॉरर का अनुभव देती है। एक पुरानी सुरंग में दबे ब्रिटिश सैनिकों की आत्माएं जब जॉम्बी बनकर लौटती हैं तो जो खौफ पैदा होता है वह रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है।

अनुष्का शर्मा की परी और शबाना आजमी की काली कुही भी नेटफ्लिक्स के डरावने खजाने के अनमोल रत्न हैं। परी में शैतानी रस्मों का ऐसा चित्रण है जो आपको अंदर तक झकझोर देता है वहीं काली कुही सामाजिक कुरीतियों को हॉरर के साथ मिलाकर एक नया अनुभव देती है। अंत में जावेद जाफरी की लुप्त उन लोगों के लिए है जो पुरानी शैली के जंप स्केयर्स पसंद करते हैं। 7 से ज्यादा की आईएमडीबी रेटिंग वाली यह फिल्म हॉरर और सस्पेंस का बेहतरीन तड़का है। तो देर किस बात की पॉपकॉर्न तैयार रखें और लाइटें बंद करें लेकिन याद रहे इन फिल्मों को अकेले देखने की भूल बिल्कुल न करें

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