प्रेग्नेंसी के ग्लो से लेकर डिलीवरी के बाद मोटापे के तानों तक, कियारा आडवाणी ने बयां किया मां बनने का दर्द
नई दिल्ली । बॉलीवुड की अग्रणी अभिनेत्रियों में शुमार कियारा आडवाणी ने मातृत्व और उसके बाद समाज में महिलाओं के प्रति बदलने वाले दृष्टिकोण पर बेहद संजीदगी से अपनी बात रखी है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने मां बनने के बाद महिलाओं के सामने आने वाली व्यावहारिक और मानसिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की। कियारा ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि कैसे बच्चा होने के बाद समाज महिलाओं को लेकर बेहद आत्मकेंद्रित और जजमेंटल हो जाता है। उन्होंने कहा कि मां बनने के इस खूबसूरत लेकिन कठिन सफर के बाद वे दुनिया को और भी बेहतर और परिपक्व तरीके से समझने लगी हैं, जिसका सकारात्मक असर उनके अभिनय पर भी दिखेगा। अभिनेत्री के अनुसार, अब जो भी फिल्म निर्देशक उनके साथ काम करेंगे, उन्हें उनके अभिनय का एक बिल्कुल नया, गहरा और सबसे बेहतरीन वर्जन देखने को मिलेगा।
कियारा आडवाणी ने बॉम्बे टाइम्स को दिए अपने विशेष इंटरव्यू में गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के प्रति लोगों के बदलते व्यवहार के दोहरे मापदंडों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला गर्भवती होती है, तब हर कोई उसकी तारीफ करता है। लोग उसके चेहरे की चमक और खूबसूरती की सराहना करते हुए उसे पलकों पर बिठाकर रखते हैं। समाज का रवैया उस समय ऐसा होता है जैसे वे किसी देवी की तरह उस महिला का सम्मान कर रहे हों। लेकिन जैसे ही वह महिला बच्चे को जन्म देती है, अचानक लोगों की सोच और नजरिया पूरी तरह बदल जाता है। लोग उसके मातृत्व की सराहना करने के बजाय उसके शारीरिक बदलावों पर टिप्पणियां करना शुरू कर देते हैं, जिससे महिलाओं को काफी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।
अभिनेत्री ने समाज की इस कड़वी सच्चाई को बयां करते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद लोग महिला के चेहरे की चमक को भूलकर उसके बढ़े हुए वजन यानी मोटापे पर ध्यान केंद्रित करने लगते हैं। समाज में यह उम्मीद की जाने लगती है कि मां बनने के तुरंत बाद वह महिला बिल्कुल फिट दिखने लगे और बिना समय लिए अपने पुराने रूटीन में वापस लौट आए। कियारा ने स्पष्ट किया कि असल में एक महिला के जीवन का सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समय बच्चे के जन्म के बाद ही शुरू होता है, क्योंकि इसी नाजुक दौर में उसे सबसे ज्यादा पारिवारिक और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता होती है। यह वह समय होता है जब महिला को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर सबसे ज्यादा सहारा चाहिए होता है।
अपनी बात को और अधिक सरल ढंग से समझाते हुए कियारा आडवाणी ने एक पुरानी कहावत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे अक्सर कहा जाता है कि एक बच्चे की सही परवरिश करने के लिए पूरे गांव के सहारे की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह एक नई मां को संभालने और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए भी पूरे परिवार और समाज के सहयोग की जरूरत होती है। प्रसव के बाद का समय वह होता है जब आपको उस महिला का सबसे ज्यादा ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि वह एक साथ दो मोर्चों पर जूझ रही होती है। वह अपने शरीर में होने वाले हार्मोनल और शारीरिक बदलावों का सामना करने के साथ-साथ एक मां के रूप में अपनी बिल्कुल नई भूमिका और जिम्मेदारियों में खुद को ढालने की कोशिश कर रही होती है।
गौरतलब है कि कियारा आडवाणी ने साल 2023 में अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ सात फेरे लिए थे और शादी के दो साल बाद यानी 15 जुलाई, 2025 को उन्होंने अपनी बेटी सारायाह का दुनिया में स्वागत किया था। अपनी व्यक्तिगत जिंदगी के इस खूबसूरत अनुभव को जीने के बाद वे दोबारा काम पर लौटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आने वाले समय में कियारा सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित और पैन इंडिया स्तर पर बनने वाली एक्शन फिल्म ‘टॉक्सिक’ में एक बेहद अहम भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। हालांकि इस बड़ी फिल्म की रिलीज डेट के बारे में मेकर्स ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन फैंस बड़े पर्दे पर कियारा के इस नए अवतार को देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कियारा आडवाणी के इस बेबाक और संवेदनशील इंटरव्यू ने मनोरंजन जगत के साथ-साथ आम समाज में भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है। मातृत्व के बाद महिलाओं पर होने वाली बॉडी शेमिंग और अवास्तविक फिटनेस उम्मीदों के खिलाफ उठाई गई उनकी यह आवाज निश्चित रूप से समाज को इस विषय पर दोबारा सोचने और नई माताओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित करेगी।
