August 22, 2026

थोड़ा रेशम लगता है गाने की धुन चुराना हॉलीवुड कंपनी को पड़ा था भारी, बप्पी दा ने कॉपीराइट केस में दी थी मात

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नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत में डिस्को किंग के नाम से मशहूर दिवंगत संगीतकार बप्पी लहरी न केवल अपनी अनूठी धुनों और सोने के गहनों के शौक के लिए जाने जाते थे, बल्कि वे अपने काम के प्रति बेहद सजग भी थे। साठ और सत्तर के दशक से लेकर आज तक बॉलीवुड के कई गानों पर विदेशी धुनों की नकल करने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इतिहास में एक ऐसा अनोखा वाकया भी दर्ज है जब हॉलीवुड के एक बड़े संगीतकार ने बॉलीवुड के गाने की धुन चुराई थी। इस चोरी पर बप्पी लहरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी अदालत का दरवाजा खटखटाया और न केवल यह ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई जीती, बल्कि विदेशी कंपनी को भारी-भरकम हर्जाना देने पर भी मजबूर कर दिया था। यह पूरा मामला भारतीय सिनेमा के संगीत इतिहास में कॉपीराइट उल्लंघन के खिलाफ सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जाता है।

इस विवाद की जड़ें साल 1981 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘ज्योति’ से जुड़ी हुई हैं। इस फिल्म के लिए बप्पी लहरी ने एक बेहद खूबसूरत और थिरकने पर मजबूर कर देने वाला गाना तैयार किया था, जिसके बोल थे ‘थोड़ा रेशम लगता है’। इस गाने को स्वर कोकिला दिवंगत लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था और रिलीज के बाद यह गाना देश के कोने-कोने में गूंजने लगा था। सब कुछ सामान्य चल रहा था और लोग इस गाने को पसंद कर रहे थे, लेकिन इस गाने के रिलीज होने के ठीक 21 साल बाद, यानी साल 2002 में अमेरिकी हिप-हॉप आर्टिस्ट ‘ट्रुथ हर्ट्स’ का एक नया गाना रिलीज हुआ जिसका टाइटल ‘एडिक्टिव’ था। जब भारतीय संगीत प्रेमियों ने इस अमेरिकी गाने को सुना, तो वे दंग रह गए क्योंकि इस गाने की पूरी शुरुआत और बैकग्राउंड म्यूजिक हूबहू लता मंगेशकर के उसी पुराने गाने से लिया गया था।

जैसे ही यह बात बप्पी लहरी के संज्ञान में आई, उन्होंने तुरंत उस अमेरिकी गाने को पूरा सुना और म्यूजिक लेबल ‘सारेगामा’ के साथ मिलकर अमेरिकी अदालत में कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया। बप्पी दा ने ‘एडिक्टिव’ गाने के मशहूर अमेरिकी प्रोड्यूसर डॉ. ड्रे के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर कर दिया। अदालत की कार्यवाही के दौरान अमेरिकी मेकर्स ने बचाव में यह अजीब तर्क दिया कि उन्होंने यह धुन एक विदेशी रेडियो स्टेशन पर बजते हुए सुनी थी और उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि इसके वास्तविक कॉपीराइट्स किसके पास सुरक्षित हैं। हालांकि, बप्पी दा और सारेगामा की लीगल टीम ने अदालत के सामने पुख्ता सबूत पेश किए कि यह धुन पूरी तरह से भारतीय संगीतकार की मूल रचना है।

बप्पी दा और डॉ. ड्रे के बीच यह कानूनी लड़ाई काफी समय तक अमेरिकी कोर्ट में चलती रही और अंततः अदालत ने भारतीय संगीतकार के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने कड़े आदेश में कहा कि जब तक इस अमेरिकी गाने में बप्पी लहरी और सारेगामा को आधिकारिक तौर पर क्रेडिट नहीं दिया जाता, तब तक ‘एडिक्टिव’ गाने की सीडी और पूरे एल्बम की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगी रहेगी। इसके साथ ही, अदालत ने हॉलीवुड की संबंधित म्यूजिक कंपनी पर बड़ा जुर्माना लगाया, जिसके तहत हर्जाना और रॉयल्टी मिलाकर उन्हें 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,744 करोड़ रुपये देने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया गया।

इस कानूनी जीत ने दुनिया भर में भारतीय संगीत की ताकत और उसके कानूनी अधिकारों का लोहा मनवाया। जिस फिल्म ‘ज्योति’ के गाने पर यह पूरा विवाद हुआ था, वह फिल्म भी जितेंद्र के डबल रोल, हेमा मालिनी, अशोक कुमार, शशिकला और अजीत जैसे दिग्गज कलाकारों के अभिनय और बेहतरीन गानों की वजह से बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही थी। भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाने वाले बप्पी लहरी भले ही लंबे समय तक बीमार रहने और स्लीप एपनिया के कारण 15 फरवरी 2022 को इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन हॉलीवुड के खिलाफ दर्ज कराई गई उनकी यह ऐतिहासिक जीत हमेशा संगीत जगत की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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