July 20, 2026

'10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

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नई दिल्ली । अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उस घटना का जिक्र किया, जब उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी दिल की धड़कन करीब 10 मिनट तक बंद रही थी। यह अनुभव उनके लिए जीवन बदल देने वाला साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया।

श्रेयस ने कहा कि घटना से पहले उन्हें लगातार थकान महसूस हो रही थी, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण उन्होंने इन संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया। काम पूरा करने के बाद उन्हें बेचैनी, सांस लेने में परेशानी और हाथ में दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझा, लेकिन कुछ ही देर में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण उन्हें तुरंत आपातकालीन उपचार मिल सका।

अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की। उपचार के दौरान उनकी एंजियोप्लास्टी की गई और लगातार प्रयासों के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। होश में आने के बाद जब उन्हें पूरी घटना के बारे में जानकारी मिली तो उन्हें एहसास हुआ कि वह मौत के बेहद करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि उस पल ने उन्हें जीवन की असली अहमियत समझा दी।

श्रेयस के अनुसार इस घटना के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। पहले वह लगातार काम को प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब परिवार, स्वास्थ्य और मानसिक शांति को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को शामिल किया है। उनका मानना है कि शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान या किसी भी तरह की असामान्य शारीरिक परेशानी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उनके अनुसार कई बार लोग व्यस्तता या लापरवाही के कारण शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज मिलने से कई गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

अभिनेता ने यह भी कहा कि इस अनुभव ने उन्हें परिवार और रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक समझाई। अब वह हर दिन को एक नए अवसर की तरह जीने की कोशिश करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने माना कि सफलता और व्यस्तता से कहीं अधिक जरूरी स्वस्थ रहना है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्डियक अरेस्ट से उबरने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने पेशेवर जीवन में वापसी की और अब अपने अनुभव के जरिए लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दे रहे हैं।

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