रिलीज से पहले सनी देओल की ‘सूर्या’ पर विवाद, डॉक्टरों की छवि और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर IMA ने उठाए सवाल
आईएमए के मुताबिक, फिल्म में चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, उससे पूरे मेडिकल पेशे के प्रति लोगों के मन में नकारात्मक धारणा बन सकती है। संगठन को आशंका है कि ऐसी प्रस्तुति डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिष्ठा, सुरक्षा तथा जनता के भरोसे पर असर डाल सकती है। इसी वजह से एसोसिएशन चाहता है कि फिल्म की रिलीज से पहले संबंधित सामग्री की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
संगठन ने अपने पत्र में चार प्रमुख चिंताओं को सामने रखा है। पहली चिंता चिकित्सा पेशे को अनुचित रूप से बदनाम किए जाने और उसकी साख को नुकसान पहुंचने की है। दूसरी चिंता फिल्म में स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा दिखाए जाने से जुड़ी है। तीसरा मुद्दा डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का है। वहीं, चौथी चिंता डॉक्टरों और मरीजों के बीच लंबे समय से बने भरोसे पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर है।
आईएमए का कहना है कि यदि प्रचार सामग्री के जरिए भ्रष्टाचार को पूरे चिकित्सा क्षेत्र की सामान्य स्थिति के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो इससे लोगों की धारणा प्रभावित हो सकती है। संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया है कि स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति हिंसा को दिखाने के संभावित प्रभावों पर ध्यान देना जरूरी है। उसके अनुसार, चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लोगों की सुरक्षा और मरीजों का डॉक्टरों पर विश्वास स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
मेडिकल संगठन ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के चित्रण के साथ-साथ उसके प्रचार से जुड़ी सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आईएमए ने यह भी कहा है कि यदि समीक्षा के दौरान उसकी आशंकाएं सही पाई जाती हैं, तो फिल्म निर्माताओं से आवश्यक बदलाव कराने पर विचार किया जाना चाहिए। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संगठन ने समीक्षा की मांग उठाई है। फिल्म में बदलाव को लेकर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
फिल्म का टीजर 19 अक्टूबर को सनी देओल के 69वें जन्मदिन के अवसर पर जारी किया गया था। इसमें अभिनेता एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। कहानी में उनकी जिंदगी बेटी की मौत के बाद बदल जाती है। इसके बाद वह मामले की जांच शुरू करते हैं और इस प्रक्रिया में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का पर्दाफाश करने की कोशिश करते हैं। कहानी का यही पहलू चिकित्सा पेशे के चित्रण को लेकर उठे विवाद के केंद्र में है।
‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है। फिल्म का निर्माण दीपक मुकुत, हेमंत मुकुत और लोकेश मुकुत ने किया है। यह वर्ष 2018 में आई मलयालम क्राइम थ्रिलर ‘जोसेफ’ का हिंदी रूपांतरण है, जिसकी कहानी शाही कबीर ने लिखी थी। फिल्म को वास्तविक घटनाओं पर आधारित बताया जा रहा है। इसमें सनी देओल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की निर्धारित रिलीज तारीख 20 नवंबर 2026 है। अब देखना होगा कि आईएमए की मांग पर क्या कदम उठाए जाते हैं और विवाद का फिल्म की रिलीज से पहले क्या असर पड़ता है।
