उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा ऐलान, ग्रेजुएट छात्राओं के लिए स्कूटी योजना; 400 करोड़ का बजट स्वीकृत
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। योजना का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपए तक है। हालांकि दिव्यांग छात्राओं, शहीद परिवारों की बेटियों और निराश्रित परिवारों की छात्राओं के लिए आय सीमा लागू नहीं होगी।
योजना के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज की टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल स्कूटी दी जाएगी। सरकार स्कूटी के साथ उसका रजिस्ट्रेशन, बीमा, हेलमेट, आवश्यक एक्सेसरीज और 4 लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराएगी। हालांकि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की जिम्मेदारी छात्राओं की होगी।
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दो बड़े एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। पहला 333 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेस-वे प्रयागराज से सोनभद्र तक बनेगा। इसकी अनुमानित लागत 26,315 करोड़ रुपए होगी। यह एक्सप्रेस-वे प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र को जोड़ते हुए बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमाओं तक बेहतर संपर्क उपलब्ध कराएगा। इसके बनने से प्रयागराज से सोनभद्र की यात्रा लगभग साढ़े छह घंटे से घटकर करीब सवा तीन घंटे रह जाएगी।
दूसरी परियोजना 117 किलोमीटर लंबा विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे है, जिसकी लागत करीब 9,039 करोड़ रुपए होगी। यह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को विंध्य एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा।
कैबिनेट ने परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 220 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी मंजूरी दी है, जिस पर लगभग 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं वाराणसी में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए नए छात्रावासों के निर्माण, सहकारी ग्राम विकास बैंक को वित्तीय सहायता, महिला कल्याण विभाग की सेवा नियमावली में बदलाव और अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
सरकार ने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक आयोजित होगा। इसी सत्र में संभल दंगों की जांच रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी और अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, परिवहन और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी। वहीं विपक्ष इन योजनाओं के क्रियान्वयन और बजटीय प्रबंधन पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।
