September 3, 2026

अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर IRGC के ठिकानों पर हमला ट्रंप बोले- पलटवार की भारी कीमत चुकानी होगी

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर दौर में पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों को निशाना बनाकर सैन्य कार्रवाई की है। हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि अगर ईरान ने अमेरिकी हमले का जवाब देने की कोशिश की तो वाशिंगटन की ओर से पहले से कहीं ज्यादा जोरदार कार्रवाई की जा सकती है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से बताया गया कि स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे अमेरिकी बलों ने ईरान में IRGC से जुड़े ठिकानों पर हमले शुरू किए। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ IRGC की ओर से किए गए कथित हमलों के प्रयासों के बाद की गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। सोमवार रात दोनों पक्षों के बीच हमलों का आदान प्रदान भी हुआ था। बताया जा रहा है कि एक महीने से अधिक समय के बाद दोनों देशों के बीच फिर से इस तरह की सीधी सैन्य कार्रवाई हुई है। नए हमले ने क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका को और बढ़ा दिया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी अमेरिकी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद ईरानी ठिकानों को निशाना बना रहा है। ट्रंप ने इस कार्रवाई को बड़ा और शक्तिशाली बताया। उनके मुताबिक ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन बिछाने की कथित कोशिश और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर आठ मिसाइल दागे जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

दूसरी तरफ ईरान ने भी अमेरिकी हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। IRGC के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने कहा कि अमेरिका को ईरान पर किए गए ताजा हमले पर पछताना पड़ेगा और उसे कठोर जवाब का सामना करना होगा। ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अनबिया मुख्यालय की ओर से भी अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की गई है।

ईरानी पक्ष ने कहा है कि अमेरिकी सेना की ओर से की जा रही कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। ईरानी बयान में अमेरिका को क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी दी गई है। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

इस बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। लोगों को ज्यादा सतर्क रहने और संभावित उड़ान रद्द होने तथा हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी परिस्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है। यात्रा में बाधा आने की आशंका के बीच क्षेत्र में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

अमेरिकी हमले और ईरान की जवाबी धमकी के बाद अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच तनाव आगे किस दिशा में जाता है। होर्मुज स्ट्रेट की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए किसी भी नए सैन्य टकराव का असर पूरे मध्य पूर्व के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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