राजस्थान का श्रीगंगानगर दुनिया का सबसे गर्म शहर बना, तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मई के अंतिम दिनों में पड़ रही तेज गर्मी, शुष्क रेगिस्तानी हवाएं और साफ आसमान इस असामान्य तापमान वृद्धि के मुख्य कारण हैं। इस रिकॉर्ड तापमान ने उत्तर प्रदेश के बांदा में पहले दर्ज किए गए उच्च तापमान के स्तर को भी छू लिया है। इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं।
कई शहरों में 45 से 46 डिग्री के पार तापमान
बुधवार को बीकानेर और रोहतक में 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और चूरू में 46.4 डिग्री, झांसी में 46 डिग्री, हिसार में 45 डिग्री और नई दिल्ली में 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक दिन तक इसी तरह की भीषण गर्मी बनी रह सकती है। हालांकि, गुरुवार शाम से उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में आंधी, धूल भरी हवाएं और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
क्यों बना श्रीगंगानगर सबसे गर्म
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार श्रीगंगानगर का तापमान बढ़ने के पीछे कई भौगोलिक और मौसमी कारण हैं। यह क्षेत्र राजस्थान के उत्तरी हिस्से में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है और थार रेगिस्तान के बेहद करीब है। मई के अंत में यहां की जमीन तेजी से गर्म हो जाती है, जिससे तापमान अचानक बढ़ जाता है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएं भी तापमान को और बढ़ा देती हैं।
नमी की कमी और साफ आसमान ने बढ़ाई गर्मी
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वातावरण में नमी की कमी है, जिससे बादल नहीं बन पा रहे हैं और सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं। सूखी मिट्टी भी गर्मी को और बढ़ा रही है, क्योंकि जमीन में नमी न होने पर सूर्य की ऊर्जा सीधे हवा और सतह को गर्म करती है।
इस समय उत्तर भारत में किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या बारिश लाने वाली प्रणाली की अनुपस्थिति के कारण भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में कई दिनों से साफ मौसम बना हुआ है, जिससे गर्मी और अधिक जमा हो गई है।
आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद
मौसम विभाग ने राहत की संभावना जताई है। अनुमान है कि गुरुवार शाम से तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बारिश शुरू हो सकती है, जिससे सप्ताहांत तक तापमान 40 डिग्री से नीचे आने की संभावना है।
हालांकि, मौसम में बदलाव के दौरान तेज आंधी, बिजली गिरने और नुकसान पहुंचाने वाली हवाओं का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल श्रीगंगानगर देश और दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल बना हुआ है और भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
