August 30, 2026

विकसित भारत सिर्फ ऊंची इमारतों का नाम नहीं, हर घर पानी और युवाओं को अवसर मिलना जरूरी: राजनाथ सिंह

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज को पूरी दुनिया गंभीरता से सुनती है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव भारत की बढ़ती वैश्विक हैसियत और मजबूत होते कद का स्पष्ट प्रमाण है। लखनऊ छावनी परिषद में करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं को केवल निर्माण कार्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि ये लखनऊ छावनी के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के 12 संकल्प हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल बड़े प्रोजेक्ट बनाने और आधुनिक इमारतें खड़ी करने से पूरा नहीं होगा। वास्तविक विकास तब माना जाएगा जब प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मानजनक सुविधाएं हासिल हों। उन्होंने कहा कि विकास की रोशनी केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि हर मोहल्ले हर बस्ती और हर परिवार तक इसका लाभ पहुंचना चाहिए।

भारत की वैश्विक स्थिति में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि करीब 10 से 12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जब भारत अपनी बात रखता था तो उसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था जितनी भारत की क्षमता और भूमिका को मिलनी चाहिए थी। आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। अब जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखता है तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है कि भारत क्या कह रहा है। उन्होंने इसे देश की बढ़ती ताकत और वैश्विक प्रभाव का परिणाम बताया।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मतलब यह भी है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलें। खेलकूद के क्षेत्र में आगे बढ़ने की सुविधाएं हों और दिव्यांग बच्चों को भी समाज की मुख्यधारा में बराबरी का स्थान मिले। राजनाथ सिंह ने कहा कि समय के साथ शहरों की जरूरतें बदलती हैं इसलिए विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए नियमों में भी बदलाव आवश्यक है।

इसी दिशा में लखनऊ छावनी क्षेत्र में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू किए गए हैं। पहले यहां जी प्लस-2 तक निर्माण की अनुमति थी जिसे बढ़ाकर जी प्लस-3 किया गया है। पार्किंग को शामिल करने पर अब पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लखनऊ छावनी को उसकी ऐतिहासिक विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है ताकि क्षेत्र का विकास तेज गति से हो सके।

रक्षा मंत्री ने छावनी क्षेत्र में कई बाजारों के नाम बदले जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नामों में बदलाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि इसके पीछे नई पीढ़ी को देश के इतिहास और महान विभूतियों से जोड़ने की भावना है। रॉयल आर्टिलरी बाजार का नाम एकता बाजार ब्रिटिश कैवलरी बाजार का नाम वीरांगना ऊदा देवी बाजार और ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम माता दीन वाल्मीकि बाजार किया गया है। एक अन्य बाजार का नाम मंगल पांडे बाजार जबकि कैनेडी मार्केट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मार्केट रखा गया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि इन बदलावों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम राष्ट्रसेवा और सामाजिक चेतना से जुड़े महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लखनऊ और उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर जलापूर्ति शिक्षा खेलकूद बाढ़ नियंत्रण और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भी प्रशंसा की और कहा कि लखनऊ छावनी में सैन्यकर्मियों पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार करते हुए ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने के साथ आधुनिक विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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