September 19, 2026

भारत के हमले का असर अब भी दिख रहा सरगोधा एयरबेस का रनवे महीनों बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं

0
untitled-1789804666

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों का असर लंबे समय बाद भी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। ताजा हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर पाकिस्तान के सरगोधा स्थित मुसहफ एयरबेस के रनवे पर अब भी मरम्मत और निर्माण का काम जारी बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले के करीब 16 महीने बाद भी रनवे और टैक्सी ट्रैक के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर दोबारा काम किया जा रहा है। तस्वीरों में रनवे के जंक्शन पर खुदाई और नई सतह तैयार करने की गतिविधियां नजर आने की बात कही गई है।

सरगोधा का मुसहफ एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के प्रमुख ठिकानों में शामिल माना जाता है। यह लाहौर से लगभग 172 किलोमीटर उत्तर पश्चिम दिशा में और भारत पाकिस्तान सीमा के पास अमृतसर से करीब 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति और सैन्य महत्व के कारण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह भारत के निशाने पर रहे प्रमुख एयरबेस में शामिल था।

रिपोर्ट के अनुसार 12 सितंबर 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे और टैक्सी ट्रैक के मिलन वाले हिस्से में अलग रंग का क्षेत्र दिखाई देता है। यह हिस्सा आसपास की डामर वाली सतह से अलग नजर आ रहा है। तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर यहां दोबारा खुदाई और रीसरफेसिंग का काम किए जाने की संभावना जताई गई है। एयरबेस के उत्तरी हिस्से में पहले हुए हमले से बने गड्ढे के क्षेत्र में भी जमीन की ऊपरी परत हटाकर नीचे के स्तर तक काम किए जाने की बात सामने आई है।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी रनवे की मरम्मत केवल ऊपर से नई परत बिछाने तक सीमित नहीं होती। यदि हमले के बाद की गई अस्थायी मरम्मत के नीचे की जमीन कमजोर हो गई हो या सतह में असमानता अथवा धंसने जैसी समस्या सामने आई हो तो पूरे प्रभावित हिस्से को दोबारा तैयार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि सैटेलाइट तस्वीरों में अलग अलग हिस्सों में अलग स्तर का निर्माण कार्य दिखाई देने की बात कही गई है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुसहफ एयरबेस पर हुए हमले की पुरानी सैटेलाइट तस्वीरों में मुख्य रनवे पर नुकसान के निशान दिखाई देने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 3200 मीटर लंबे रनवे पर दो स्थानों को निशाना बनाया गया था। इनमें एक जगह लगभग 8 से 9 मीटर चौड़ा और 4 से 5 मीटर गहरा गड्ढा बनने की बात सामने आई थी। दूसरा निशाना पहले स्थान से करीब 660 मीटर की दूरी पर था।

10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों और वायु रक्षा से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। भारतीय पक्ष ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के एयरबेस और अन्य सैन्य ढांचे को निशाना बनाने की बात कही थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर बातचीत हुई और युद्धविराम की स्थिति बनी।

अब करीब 16 महीने बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में सरगोधा एयरबेस के प्रभावित हिस्सों में निर्माण गतिविधियां दिखाई देने का दावा इस बात की ओर संकेत करता है कि हमले से प्रभावित बुनियादी ढांचे की बहाली में लंबा समय लग रहा है। हालांकि सैटेलाइट तस्वीरों से किसी सैन्य ठिकाने की पूरी परिचालन स्थिति का आकलन करना संभव नहीं होता। इसलिए यह कहना अलग विषय है कि एयरबेस पूरी तरह परिचालन में है या नहीं। इतना जरूर है कि रनवे के कुछ हिस्सों में निर्माण और सतह सुधार का काम अभी भी जारी दिखाई दे रहा है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *