Pushpa Memorial Foundation: कड़ाके की ठंड के बीच बड़ी राहत बनकर सामने आई, पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन की यह नेक पहल

हल्द्वानी। पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से ट्रस्टी एवं समाजसेवी गुंजन तिवारी ने मंगलवार को भदूयनी–बलूटी गांव पहुंचकर यहां रहने वाले ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी ला दी। दरअसल ग्राम प्रधान विपिन चंद्र पलडिया के साथ उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात करते हुए जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े बांटे, जिससे ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कुराहट बिखर गई। फाउंडेशन की यह पहल ग्रामीणों के लिए कड़ाके की ठंड के बीच बड़ी राहत बनकर सामने आई।
ग्रामीणों ने इस अवसर पर फाउंडेशन के इस प्रयास को सराहा हुए कहा कि सर्द मौसम में ऐसी मदद मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखने का काम करती है। कार्यक्रम में रोहित शर्मा का सहयोग भी सराहनीय रहा, जिसके लिए उनका आभार व्यक्त किया गया।
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पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन इसके साथ ही उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय है। फाउंडेशन के ये प्रयास साफ तौर पर दर्शाते हैं कि समाजसेवा मात्र औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समय पर, सही स्थान पर पहुंचकर की गई मदद से सार्थक होती है। ग्रामीणों के चेहरों पर छाई खुशी व सुकुन की झलक यह साफ दर्शा रही थी मानों उनकी मनचाही मुराद पूरी हो गई हो।

आज के दौर में जहां देश-दुनिया में अनेक ऐसे समाजसेवी हैं जिनके चेहरे से ही दिखावा जाहिर हो जाता है, मानो वे किसी लाभ के लिए ये कार्य कर रहे हो। साथ ही उनके कई काम भी असमान्य होते हैं। वहीं इसके विपरित समाजसेवी गुंजन तिवारी ने कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए संघर्षपूर्ण जीवन जिया है। उनके कार्यों में न तो दिखावा है और न ही औपचारिकता, बल्कि निरंतरता और जमीनी जुड़ाव साफ दिखाई देता है। यही कारण है कि पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन का नाम सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भरोसे से जुड़ा है।
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पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन की यह पहल न सिर्फ जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गई कि संवेदना से किया गया छोटा प्रयास भी किसी को सुकुन देते हुए उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
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पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन : एक उम्मीद और भरोसे की मशाल
किसी गर्भवती महिला को अत्यधिक सुकुन तब मिलता है जब उसे सस्ती और सुरक्षित जांच मिले, वहीं ऐसा ही सुकुन उन आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को भी संबंल देता है जब उनकी पढ़ाई का सपना पैसे की कमी के चलते न टूटे। वहीं पहाड़ों मे होने वाली बर्फबारी के बाद पड़ने वाली कड़कड़ाती ठंड में किसी बच्चे के चेहरे पर विशेष खुशी तब लाती है जब उसे कोई गर्म कपड़ा मिल जाए। इन्हीं लक्ष्यों को लेकर शुरु हुई पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन की कहानी…
लाभ नहीं सिर्फ सेवा है मकसद
पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के संस्थापक गुंजन तिवारी के अनुसार यह पूरा अभियान किसी लाभ के लिए नहीं है। ट्रस्ट अपने संसाधनों से वास्तविक लागत का शत प्रतिशत स्वयं वहन करता है। ताकि आर्थिक कारण किसी जरूरतमंद को सेवा से वंचित न करे।
इन्हीं सपनों को लेकर पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन 2025 से उत्तराखंड में पंजीकृत हुआ और तभी से लगातार स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के संकल्प के साथ तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
आज के समय में जहां सामाजिक सेवा मात्र दिखावा बन कर रह गई है, वहीं ऐसे समय में उत्तराखंड में पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन निःस्वार्थ सेवा, संवेदनशील सोच और जमीनी कार्यों की एक सशक्त मिसाल के रूप में उभर के सामने आया है। इसके कार्यों के चलते लोगों में इसके प्रति भरोसा जागा है।
वर्तमान में उत्ताखंड राज्य के कानूनों के अंतर्गत पंजीकृत होने के साथ ही पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और समाज के वंचित तबकों की भलाई के लिए हल पल कार्य में संलग्न है। इसका मूल उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन लोगों को संबल देना है जो आर्थिक, सामाजिक या शारीरिक कारणों से मुख्यधारा से पीछे रह गए हैं।
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संस्थापक गुंजन तिवारी के अनुसार संस्था की प्राथमिकता में विधवाओं, अनाथों, बेसहारा नागरिकों, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक राहत पहुंचाना शामिल है।
खास बात ये है कि पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन का इस छोटी सी अवधि में स्वास्थ्य व शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान कर लोगों के बीच भरोसा कायम कर लिया है।
संस्था की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक और वैध चिकित्सीय जांचें बाजार दरों से करीब 50 प्रतिशत से भी कम खर्च पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही फाउंडेशन की ओर से मुफ्त व रियायती चिकित्सा सुविधाओं के साथ शारीरिक और मानसिक रुप से चुनौतीपूर्ण व्यक्तियों के पुनर्वास की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम
फाउंडेशन ने 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई जारी रखने वाले योग्य लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छात्रवृत्ति, अध्ययन सामग्री और आवश्यक सहयोग प्रदान किया है।
इसके अलावा स्थानीय सरकारी विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराकर बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को सुरक्षित करने की पहल की है।
वहीं मानवीय प्रतिबद्धता के तहत कठोर पहाड़ी मौसम को ध्यान में रखते हुए, सर्दियों के दौरान जरूरतमंद परिवारों को फाउंडेशन की ओर से गर्म कपड़े भी वितरित किए जाते हैं।
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वहीं ‘सेवालय’ के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को अवसंरचनात्मक सहायता देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
युवाओं को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास
इसके साथ ही युवाओं को नशे आदि नकारात्मक प्रवृतियों से दूर रखते हुए सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने के लिए फाउंडेशन उन्हें खेल एवं शारीरिक गतिविधियों से जोड़ रहा है। इसके तहत आवश्यक संसाधन व संरचनाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं है।
वहीं स्थानीय लकड़ी कला से जुड़े पारंपरिक कलाकारों को अवसंरचनात्मक सहायता देकर उनकी आजीविका और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने का कार्य जी किया जा रहा है।
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समाज के लोगों से अपील
संस्थापक गुंजन तिवारी की ओर से जागरूक नागरिकों सामाजिक संगठनों और प्रशासन से अपील की गई है कि वे जरूरतमंद लोगों को इन सुविधाओं से जोड़ने में सहयोग करें और समय-समय पर मार्गदर्शन एवं सुझाव देकर इस सेवा यात्रा को और प्रभावी बनाएं।
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पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन
सामाजिक उत्तरदायित्व की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा यह फाउंडेशनआज केवल एक ट्रस्ट नहीं बल्कि सेवा, संवेदना और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल बनाकर उभरा है। सामाजिक उत्तरदायित्व की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर सामने आए इस फाउंडेशन ने साबित किया है कि सच्ची पहल संसाधनों से नहीं, बल्कि सही सोच और मजबूत इरादों से जन्म लेती है। यहां ये भी जान लें कि इंसान की पहचान उसके धन या पद से नहीं, उसके मन से होती है। तभी तो कहा गया है कि हिम्मत और मनोबल है तो संसाधनों की कमी सफलता में बाधक नहीं बनती है।
