जीवन जोशी के सपने को मिला केवल आश्वासन, अब पूरा करने सामने आया पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने मन की बात कार्यक्रम में बगेट कला के कलाकार वह हल्द्वानी में रह रहे जीवन जोशी की चर्चा की गई। जिसके बाद यूं तो हल्द्वानी में अनेक नेता, अधिकारी और कई अन्य लोग भी जीवन जोशी से मिलने आए। लेकिन, उसके बावजूद किसी की तरफ से उनके सपने को पूर्ण करने की ओर अब तक कोई हाथ नहीं बढ़ाया गया। इसी बीच अब पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन जीवन जोशी के सपने को पूरा करने के लिए आगे आया, और सोमवार 2 जून को जीवन जोशी से मुलाकात कर अपनी तरफ से मदद के रूप में उन्हें वर्तमान में जीवन जोशी के लिए सबसे ज्यादा जरूरी औजारों के सेट प्रदान किए।
ज्ञात हो कि जीवन जोशी ने पूर्व में भी कहा थाख् कि उनके मुख्य रूप से दो सपने हैं, जिनमें से एक के तहत वह छोटी-छोटी मूर्तियां बनाना चाहते हैं, लेकिन इनको बनाने के लिए उनके पास औजार न तो हैं और न ही उन औजारों को खरीदने के पैसे। वहीं उनका दूसरा सपना एक ऐसा संस्थान खोलना है जिसमें वह बच्चों को यह कला सीख सकें ताकि वह इसकी मदद से रोजगार ले सकें।

जीवन जोशी के अनुसार पीएम मोदी के द्वारा उनके नाम को मन की बात कार्यक्रम में लिए जाने के बाद उनसे ऐसे में मिलने तो कोई लोग आए जिन्हें उन्होंने अपने कार्य के उद्देश्य व इच्छा के बारे में भी बताया। उनके इन दोनों सपनों को जानने के बाद मिलने आए नेताओं व अन्य लोगों ने मदद की बात तो कहीं लेकिन इनके साथ मात्र फोटो खिंचवाने के बाद न तो कोई वापस आया और न ही किसी भी व्यक्ति से मदद ही मिली।
स्वयं पीएम मोदी ने जिनकी चर्चा की, उन जीवन चंद्र जोशी की अभी दो खास इच्छाएं पूरी होनी बाकी हैं
यहां तक की मन की बात कार्यक्रम के बाद से दिन का भोजन तक वे कई दिनों तक नहीं कर पाए, लोग व नेता आते थे और उन्हें मदद का आश्वासन देते थे। तो उन्होंने भी सोचा शायद कोई उनकी मदद कर देगा, चलो कोई नहीं कुछ दिन दोपहर में खाना नहीं खा पाउंगा शायद ईश्वर परीक्षा ले रहा है। लेकिन इनसे मुलाकात के बाद मदद के लिए कोई वापस नहीं आया तो इनकी आशा दम तोड़ने लगी।

लेकिन इसी बीच ईश्वर की कृपा से उनकी खबर को पड़ चुके पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के प्रमुख गुंजन तिवारी वहां पहुंचे। और जब उन्हें जोशी जी से बात की तब उन्हें मालूम चला कि जीवन जोशी की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। जोशी जी ने उन्हें भी अपना सपना बताया। ऐसे में उनके सपने को सुनकर तिवारी जी भी बहुत खुश हुए इसके बाद उनके द्वारा अपनी फाउंडेशन से जोशी जी को जो छोटे-छोटे औजार चाहिए थे, उनकी मदद का आश्वासन दिया गया।
स्वयं जीवन जोशी का कहना है कि प्रधानमंत्री के भाषण के बाद उनसे कई लोग व कई नेता मिलने आए, जब इन सबको लोगों उन्होंने अपना सपना और उद्देश्य दोनों के बारे में बताया तब मीठी-मीठी बात कर सब ने मदद के लिए हामी भी भारी। और ठीक है देखते हैं इतना जरूर कहा। लेकिन उसके बाद कोई वापस नही आया। जिससे जीवन जोशी काफी हद तक निराश हो गए, लेकिन अपने काम को करते रहे। इसके बाद ही अचानक 2 जून सोमवार को पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के गुंजन तिवारी जब उनके पास पहुंचे और बातचीत करने के बाद उनको जो जरूरत थी वह छोटे छोटे औजारों केे सेट भेंट किए जो जीवन जोशी की आंखों में आंसू आ गए।

इस दौरान पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के प्रमुख गुंजन तिवारी ने कहा कि आपकी संस्था या ऐसी चीज बनाने में तो काफी ज्यादा खर्चा आएगा उसमें तो हम एकदम अभी आपसे नहीं कह सकते लेकिन आपके लिए अभी वे छोटे-छोटे औजार जरूर लाए हैं, जिनकी आपको सबसे अधिक जरूरत थी।
पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के प्रमुख तिवारी जी ने बताया कि जब इन औजारों के बारे में पता किया तो जानकारी लेने पर मालूम चला कि ये तो यहां हल्द्वानी में मिलते ही नहीं हैं, ऐसे में इन्हें बाहर से मंगाना पड़ा, जिसके के चलते कुछ समय लग गया। और जैसे ही ये हमारे पास पहुंचे हम इन्हें यह भेंट देने पहुंच गए। तिवारी जी ने ये भी बताया कि पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से ये भी निर्णय लिया जा रहा है कि भविष्य में फाउंडेशन के कार्यक्रमों के दौरान आने वाले अथितियों व मुलाकात करने आने वाले महानुभवों को फाउंडेशन की ओर से उपहार के रुप में जीवन जोशी जी की दुकान से खरीदी कलाकृतियों को ही दिया जाए। जिससे यह कला लोगों के घरों की शोभा तो बढ़ाएगी ही साथ ही जीवन जोशी के सपनों को पूरा करने में भी मदद करेगी।
