PNB करेंसी चेस्ट में नकली नोट: CCTV में हाउस कीपर गड्डी से नोट निकालता दिखा, डेढ़ साल से यहीं था तैनात
जांच के दौरान बालेली गांव निवासी विशाल की एक CCTV फुटेज सामने आई है, जिसमें वह करेंसी की गड्डी से नोट निकालता हुआ दिखाई दे रहा है। विशाल करीब चार साल से पीएनबी में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था और पिछले डेढ़ साल से करेंसी चेस्ट में पार्ट टाइम हाउस कीपर के रूप में तैनात था।
दो FIR में दर्ज हुआ मामला
करेंसी चेस्ट में हुई गड़बड़ी को लेकर सदर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। एक FIR में नकली नोट मिलने का मामला है, जबकि दूसरी में 4.30 लाख रुपए गायब होने की जानकारी दी गई है।
विशाल के पिता बीरम सिंह के मुताबिक, मंगलवार देर रात पुलिस टीम उनके घर पहुंची और विशाल को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से बार-बार पूछने के बावजूद पुलिस टीम ने ज्यादा जानकारी नहीं दी।
परिवार के कई सदस्य बैंकिंग क्षेत्र में
बीरम सिंह ने बताया कि उनका परिवार खेती-बाड़ी करता है। उनका बड़ा बेटा और बहू पीएनबी की सहारनपुर शाखा में तैनात हैं। उनसे छोटा बेटा ग्रामीण बैंक में काम करता है, जबकि एक अन्य बेटा निजी नौकरी करता है। विशाल परिवार का सबसे छोटा बेटा है।
परिजनों के अनुसार, विशाल करीब चार साल से पीएनबी में सफाई कर्मचारी के पद पर काम कर रहा था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी तैनाती करेंसी चेस्ट में की गई थी।
29 लाख के नकली नोट और मिले
पीएनबी की करेंसी चेस्ट में नकली नोट मिलने का आंकड़ा बुधवार को करीब 29 लाख रुपए और बढ़ गया। इससे नकली नोटों की कुल रकम अब 17 करोड़ 29 लाख रुपए तक पहुंच गई है।
शुरुआत में करेंसी चेस्ट से 7 करोड़ 40 लाख रुपए के नोट नकली पाए गए थे। इसके बाद यह आंकड़ा बढ़कर 17 करोड़ रुपए हुआ और अब करीब 29 लाख रुपए के नकली नोट और मिलने के बाद कुल रकम 17.29 करोड़ रुपए हो गई है।
मामले की जांच के लिए बुधवार को लखनऊ से आरबीआई के कई अधिकारी और पांच सदस्यीय फॉरेंसिक टीम भी सहारनपुर पहुंची। टीम करीब 11 बजे सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट शाखा पहुंची और अन्य जांच टीमों के साथ मिलकर देर शाम तक नोटों की गिनती और जांच करती रही।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि बैंक की ओर से मिली जानकारी के अनुसार नकली नोटों की कुल संख्या 17 करोड़ 29 लाख रुपए तक पहुंच गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है और फरार आरोपियों के घर भी खंगाले गए हैं।
आरबीआई, पीएनबी, SIT और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
करेंसी चेस्ट में नकली नोट मिलने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आरबीआई, पीएनबी, एसआईटी और फॉरेंसिक टीम अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही हैं। जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, उनके स्थान पर नया स्टाफ भी तैनात किया गया है।
पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल से पूछताछ किए जाने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एनआईए की टीम के भी पहुंचने की संभावना जताई गई है।
मेरठ के पीएनबी हेड ऑफिस में भी जांच
सहारनपुर करेंसी चेस्ट में मिले नकली नोटों की जांच का दायरा मेरठ तक पहुंच गया है। बुधवार को मेरठ बाईपास स्थित वेदव्यासपुरी के पीएनबी हेड ऑफिस का मुख्य द्वार बंद कर शाम तक जांच की गई। पीएनबी के जीएम अजय कुमार टिबरेवाल के पीए सचिन बिश्नोई ने कहा कि मामले से जुड़ी सभी जानकारी सहारनपुर से ही दी जा सकती है।
स्ट्रांग रूम में प्रवेश की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में
फॉरेंसिक टीम करेंसी चेस्ट में मौजूद फिंगरप्रिंट, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच इस बिंदु पर भी केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट स्ट्रांग रूम तक कैसे पहुंचे।
बताया गया है कि करेंसी चेस्ट के स्ट्रांग रूम में प्रवेश के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। प्रवेश से पहले फिंगरप्रिंट स्कैन किया जाता है और सत्यापन के बाद ही आगे की प्रक्रिया होती है। स्ट्रांग रूम की दो चाबियां अलग-अलग लोगों के पास रहती हैं और उसे खोलने के लिए दोनों चाबियों का इस्तेमाल जरूरी होता है।
दोनों चाबियां लगाए जाने और दोनों संबंधित व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट स्कैन होने के बाद ही स्ट्रांग रूम में प्रवेश संभव होता है। फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट रखने के लिए इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की गई।
इसके अलावा नकली नोटों में इस्तेमाल कागज, स्याही और प्रिंटर की भी जांच की जा रही है। जांच की जिम्मेदारी पीएनबी हेड ऑफिस और आरबीआई की टीम ने संभाली हुई है।
नोडल अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुई थीं FIR
करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपए के जाली नोट मिलने के मामले में नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की ओर से सदर थाने में दो अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इन मामलों में वरिष्ठ प्रबंधक मंडल कार्यालय रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक शर्मा, करेंसी चेस्ट खरा बाजार जगाधरी के प्रबंधक अमित कुमार और पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल को आरोपी बनाया गया है।
