August 11, 2026

शामली धर्मांतरण विवाद में नया मोड़, आयुष मलिक ने दोबारा अपनाया हिंदू धर्म; परिवार से मांगी माफी, बोले- अपनी इच्छा से लौटा हूं

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नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के शामली जिले में धर्मांतरण से जुड़ा चर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कुछ समय पहले इस्लाम धर्म स्वीकार करने वाले आयुष मलिक ने अब दोबारा हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में वह धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म में वापसी करने का निर्णय लिया है और अब वह अपने परिवार के साथ रहकर उनकी देखभाल तथा सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहते हैं। इस घटनाक्रम के बाद यह मामला फिर चर्चा का विषय बन गया है।

आयुष मलिक ने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने पहले इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था, लेकिन परिवार की भावनाओं और परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने स्वेच्छा से सनातन धर्म में लौटने का फैसला किया है। उन्होंने अपने माता-पिता से क्षमा भी मांगी और भविष्य में परिवार के साथ रहने की बात दोहराई। वीडियो में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनकी घर वापसी की प्रक्रिया भी दिखाई गई है।

आयुष के पिता देवराज मलिक ने भी पुष्टि की कि उनके बेटे ने औपचारिक रूप से दोबारा हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है। उनका कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह स्वेच्छा से लिया गया है और परिवार ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने पहले भी आरोप लगाया था कि उनके बेटे का योजनाबद्ध तरीके से ब्रेनवॉश किया गया और उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। परिवार का यह भी दावा रहा है कि पूरे मामले के पीछे आर्थिक हित और पारिवारिक संपत्ति से जुड़े उद्देश्य थे।

धर्मांतरण विवाद को लेकर पहले दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इसी मामले में फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उनके पिता इस्लाम कुरैशी के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। पुलिस ने आरोपों की जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया था और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि धर्म परिवर्तन किन परिस्थितियों में हुआ और उसमें किसी प्रकार का दबाव, प्रलोभन या अन्य अवैध तत्व शामिल थे या नहीं।

जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार आयुष मलिक की मुलाकात वर्ष 2018 में पैर की चोट के इलाज के दौरान एक स्थानीय अस्पताल में चांदनी से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और संबंध विकसित हुए। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान आयुष पर धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन का प्रभाव डाला गया। दूसरी ओर, मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी आरोपों की जांच जारी है और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

धर्मांतरण और पुनर्धर्म ग्रहण से जुड़ा यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर आयुष ने सार्वजनिक रूप से अपनी इच्छा से हिंदू धर्म में लौटने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर पहले दर्ज किए गए धर्मांतरण प्रकरण की जांच और उससे संबंधित न्यायिक प्रक्रिया भी जारी है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल आयुष की घर वापसी के बाद यह प्रकरण एक बार फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गया है।

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