UP : मुरादाबाद मंडल में सियासी विरासत का दबदबा, 6 मौजूदा विधायकों के पिता भी रह चुके हैं MP-MLA
मंडल के कई राजनीतिक परिवारों में पिता के बाद बेटों ने राजनीति की कमान संभाली। इनमें कुछ नेताओं ने अपनी अलग पहचान बना ली है और लगातार चुनाव जीतकर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जबकि कुछ की राजनीतिक पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी।
छह मौजूदा विधायकों की सियासी विरासत
वर्तमान में भाजपा की ओर से सुशांत सिंह, आकाश सक्सेना और राजीव तरारा विधायक हैं। वहीं सपा से इकबाल महमूद, पिंकी यादव और मोहम्मद फहीम विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन सभी के पिता भी राजनीति में सक्रिय रहे और विधायक या सांसद रह चुके हैं।
इनमें इकबाल महमूद सबसे अनुभवी हैं और सातवीं बार विधानसभा पहुंचकर संभल सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं रामपुर के विधायक आकाश सक्सेना पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। पिंकी यादव और मोहम्मद फहीम तीसरी बार, जबकि सुशांत सिंह और राजीव तरारा दूसरी बार विधायक बने हैं।
इकबाल महमूद: पिता भी तीन बार रहे विधायक
संभल विधानसभा सीट से सपा विधायक इकबाल महमूद सातवीं बार सदन में पहुंचे हैं। मंडल के प्रमुख सपा नेताओं में उनकी गिनती होती है। उनके पिता महमूद हसन खान भी संभल सीट से तीन बार विधायक रह चुके थे। इकबाल महमूद ने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
मोहम्मद फहीम: पिता के निधन के बाद उपचुनाव से शुरुआत
मुरादाबाद की बिलारी सीट से सपा विधायक मोहम्मद फहीम तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। उनके पिता हाजी इरफान 2012 में बिलारी से विधायक चुने गए थे। सड़क हादसे में उनकी मौत के बाद मोहम्मद फहीम ने उपचुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की।
सुशांत सिंह: पिता पांच बार विधायक, एक बार सांसद
बिजनौर की बढ़ापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुशांत सिंह लगातार दूसरी बार चुनाव जीत चुके हैं। वह पूर्व सांसद सर्वेश सिंह के बेटे हैं। सर्वेश सिंह ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से पांच बार विधायक और मुरादाबाद लोकसभा सीट से एक बार सांसद रहे थे। सुशांत अब अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
राजीव तरारा: पिता भी रह चुके विधायक
अमरोहा जिले की मंडी धनौरा सीट से भाजपा विधायक राजीव तरारा भी लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। उनके पिता तोताराम वर्ष 1996 में गंगेश्वरी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। राजीव ने भी पिता के बाद राजनीति में अपनी जगह बनाई और लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे।
पिंकी यादव: पिता सांसद और तीन बार विधायक
असमोली सीट से सपा विधायक पिंकी यादव लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंची हैं। उनके पिता बिजेंद्र पाल सिंह यादव तीन बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं। पिंकी यादव ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए असमोली में अपनी पकड़ कायम रखी है।
आकाश सक्सेना: आजम खां की सीट से पहुंचे विधानसभा
रामपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। यह वही सीट है, जहां लंबे समय तक आजम खां का राजनीतिक प्रभाव रहा। आकाश सक्सेना के पिता शिव बहादुर सक्सेना रामपुर की स्वार सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं। इस तरह आकाश भी राजनीतिक परिवार की दूसरी पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं।
इन नेताओं के बेटे भी रह चुके विधायक
मुरादाबाद मंडल में राजनीतिक परिवारों की सूची सिर्फ मौजूदा छह विधायकों तक सीमित नहीं है। कई अन्य नेताओं की संतानों ने भी चुनावी राजनीति में कदम रखा है।
– पूर्व विधायक चौधरी नौनिहाल सिंह के बेटे राजेश सिंह चुन्नू कांठ से विधायक रह चुके हैं।
– पूर्व विधायक रिजवानुल हक के बेटे मोहम्मद उस्मान मुरादाबाद देहात से विधायक रह चुके हैं।
– आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम रामपुर की स्वार सीट से विधायक रह चुके हैं।
– पूर्व विधायक रियासत हुसैन के बेटे सौलत अली मुरादाबाद देहात से विधायक रह चुके हैं।
– अमरोहा विधायक महबूब अली के बेटे परवेज अली पूर्व एमएलसी रह चुके हैं।
– अमरोहा सांसद कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित तंवर वर्तमान में अमरोहा के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
2027 में भी दिखेगा राजनीतिक परिवारों का असर
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुरादाबाद मंडल में कुछ और राजनीतिक परिवार अपने अगली पीढ़ी के नेताओं को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में हैं। एक सांसद अपने बेटे को कुंदरकी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। वहीं मुरादाबाद देहात सीट से एक पूर्व विधायक के बेटे के भी चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद मंडल की सियासत में राजनीतिक विरासत बनाम नई नेतृत्वकारी पीढ़ी का मुकाबला भी देखने को मिल सकता है।
