यूपी पुलिस के तीन कर्मियों पर गिरी गाज, कारोबारी ने लगाए हिरासत में मारपीट और 4.72 लाख रुपये लेने के आरोप
गौतमबुद्धनगर के गेझा सेक्टर-93 निवासी शाहिद चौधरी फर्नीचर का कारोबार करते हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक दो अगस्त को लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार ने दानिश नाम के युवक की शिकायत के आधार पर उन्हें थाने बुलाया था। शाहिद का आरोप है कि थाने में उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें हिरासत में रखकर मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनका आईफोन घड़ी और बेल्ट भी अपने कब्जे में ले ली गई।
कारोबारी के मुताबिक जब उनके भाई थाने पहुंचे तो उनसे रकम की मांग की गई। शाहिद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि चार अगस्त को 1.20 लाख रुपये शादाब राव के खाते में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद 2.80 लाख रुपये नकद दिए गए। उनका दावा है कि रकम मिलने के बाद आईफोन वापस कर दिया गया लेकिन घड़ी और बेल्ट नहीं लौटाई गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारी को देने के नाम पर सोफा मांगा और इसके लिए तस्वीरें तथा क्यूआर कोड भेजे गए। बाद में दो अन्य खातों में 36-36 हजार रुपये भेजने के लिए कहा गया। कारोबारी के अनुसार इन लेनदेन और बातचीत से संबंधित साक्ष्य उन्होंने अधिकारियों को देने की बात कही है।
शाहिद ने डीआईजी कलानिधि नैथानी को तीन पन्नों की शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में उन्होंने शादाब राव उर्फ शालू पर भी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर रकम वसूलने का आरोप लगाया है। कारोबारी का दावा है कि शादाब थाने के सामने जनसुविधा केंद्र चलाता है और पुलिसकर्मियों के संपर्क में रहता है। उन्होंने बैंक ट्रांजैक्शन कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों के जरिए आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
मेरठ पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार लिसाड़ी गेट थाने में तैनात उपनिरीक्षक अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार को साइबर अपराध से जुड़े पीड़ित के साथ अनुचित आचरण करने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले को सौंपी गई है। मामले की जांच सीओ साइबर क्राइम सौम्या अस्थाना को भी दी गई है।
इस मामले में शुरुआती जांच को लेकर भी सवाल उठे हैं। डीआईजी के मुताबिक सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने कथित तौर पर पीड़ित से बात किए बिना जांच पूरी कर दी थी। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही या गलत आचरण सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
शाहिद ने मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में तैनात रहे दरोगा आरिफ अली पर भी आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार उनकी पत्नी का बैंक खाता कथित धोखाधड़ी के मामले में फ्रीज किया गया था। कारोबारी का दावा है कि खाते को दोबारा चालू कराने के नाम पर उनके भाई से एक लाख रुपये लिए गए। उन्होंने इस भुगतान से संबंधित वीडियो साक्ष्य होने की बात भी कही है। मुजफ्फरनगर के एसएसपी सूरज राय के अनुसार पमनावली चौकी प्रभारी आरिफ अली को निलंबित कर दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी है। कारोबारी की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
