October 23, 2026

आंध्र प्रदेश में 100 शहरी निकायों के चुनाव पर रोक, NDA ने YSRCP पर लगाया साजिश का आरोप

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अमरावती। आंध्र प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य चुनाव आयोग ने 100 शहरी निकायों में जारी चुनाव प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पर चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया है। वहीं, आयोग अब गुरुवार को इस पर फैसला करेगा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण नामांकन दाखिल नहीं कर पाने वाले उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय दिया जाए या नहीं।

मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव ने संयुक्त बयान जारी कर चुनाव आयोग के फैसले का सम्मान करने की बात कही। गठबंधन नेताओं ने कहा कि उनकी सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोग ने रोकी प्रक्रिया

शहरी निकाय चुनावों को लेकर विवाद वाईएसआरसीपी की याचिका के बाद बढ़ा। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को उम्मीदवारों की अंतिम सूची 25 अक्टूबर तक जारी करने की प्रक्रिया टालने का निर्देश दिया था। इसके बाद आयोग ने राज्य के सभी 100 शहरी निकायों में चल रही चुनाव प्रक्रिया रोक दी।

अब आयोग को यह तय करना है कि जिन क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सके, वहां नामांकन की अंतिम तारीख बढ़ाई जाए या नहीं। इस निर्णय पर राज्य की राजनीतिक गतिविधियों की नजर बनी हुई है।

एनडीए का आरोप, चुनाव रोकने की कोशिश कर रही YSRCP

चंद्रबाबू नायडू, पवन कल्याण और पीवीएन माधव ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि गठबंधन सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने और स्थानीय निकायों में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बयान में कहा गया, “हमने 2024 का चुनाव आंध्र प्रदेश के पुनर्निर्माण के वादे के साथ लड़ा था। लोगों ने हम पर भरोसा किया और गठबंधन को सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी। पिछले दो वर्षों में हमने कल्याण, विकास और सुशासन पर ध्यान दिया है। हमने लोगों का विश्वास बहाल किया है।”

एनडीए नेताओं ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी शुरुआत से ही स्थानीय निकाय चुनावों को बाधित करने का प्रयास कर रही है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने का तत्काल कारण सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है। विपक्ष पर लगाए गए साजिश के आरोप एनडीए नेताओं के राजनीतिक दावे हैं।

स्थानीय निकायों के चुनाव को विकास के लिए बताया जरूरी

एनडीए नेताओं ने कहा कि मजबूत स्थानीय निकाय राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, समय पर चुनाव होने से स्थानीय प्रशासन को मजबूती मिलती है और 16वें वित्त आयोग तथा केंद्र सरकार से मिलने वाली धनराशि से जुड़े प्रावधानों के लिहाज से भी चुनाव महत्वपूर्ण हैं।

गठबंधन का कहना है कि स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की मौजूदगी विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करती है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।

पिछली सरकार के चुनावों को लेकर भी उठाए सवाल

एनडीए नेताओं ने वाईएसआरसीपी की पिछली सरकार के दौरान हुए चुनावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राज्य में हिंसा और धमकियों के कारण भय का माहौल बना था तथा विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

बयान में गठबंधन नेताओं ने कहा कि वाईएसआरसीपी ने उस समय चुनावी जीत का जश्न मनाया, जबकि अब कानून के अनुसार चुनाव कराने की प्रक्रिया में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।

एनडीए में शामिल टीडीपी, जनसेना और भाजपा ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपना भरोसा जताते हुए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने में सहयोग देने की बात कही है।

आयोग के अगले फैसले पर टिकी निगाहें

आंध्र प्रदेश में 100 शहरी निकायों की चुनाव प्रक्रिया पर लगी रोक के बाद अब राज्य चुनाव आयोग के अगले फैसले का इंतजार है। खास तौर पर उन क्षेत्रों में नामांकन की समयसीमा बढ़ाने का मुद्दा महत्वपूर्ण है, जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल नहीं कर पाए।

आयोग का निर्णय आगे की चुनावी प्रक्रिया की दिशा तय करेगा। फिलहाल इस मुद्दे ने सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।

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