भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम को लेकर बड़ी डील, UPI- वीजा फ्री एंट्री समेत हुए 16 अहम समझौते
ताशकंद। भारत (India) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) ने रविवार को असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाते हुए लंबे समय के लिए यूरेनियम आपूर्ति (Uranium supply) की व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव (President Shavkat Mirziyoyev) के बीच रविवार को हुई वार्ता में यह अहम फैसला हुआ। दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने की घोषणा भी की। साथ ही, वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब डॉलर सालाना तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया।
2030 तक 5 अरब डॉलर करना है व्यापार
मोदी और मिर्जियोयेव की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में यूरेनियम आपूर्ति की प्रस्तावित मात्रा और समयसीमा का खुलासा नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार एक अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। अब इसे 2030 तक पांच अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर पर ले जाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विदेश मंत्रियों की समन्वय परिषद बनेगी
मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं को दिशा देने के लिए विदेश मंत्रियों के स्तर पर समन्वय परिषद स्थापित की जाएगी। संयुक्त आयोग का स्तर भी सचिवों से बढ़ाकर मंत्रिस्तरीय किया जाएगा। दोनों देश कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला संयुक्त व्यापार सम्मेलन आयोजित करेंगे। दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर प्रतिबद्धता जताई। मोदी ने कहा कि ये चुनौतियां पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
बौद्ध स्थलों के संरक्षण पर सहमति
भारत और उज्बेकिस्तान ने प्राचीन बौद्ध स्थलों फयाज तेपा और कारा तेपा के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए आशय पत्र पर सहमति जताई। दोनों स्थल सिल्क रोड के जरिए मध्य एशिया में बौद्ध धर्म के प्रसार के महत्वपूर्ण प्रमाण माने जाते हैं।
52 योग साधकों का विशेष सत्र
मोदी ने ताशकंद में 52 योग साधकों की भागीदारी वाला विशेष योग सत्र भी देखा। उन्होंने कहा, ‘उज्बेकिस्तान योग से प्यार करता है।’ दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। रक्षा उद्योगों को सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में काम करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। व्यापार विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
भारतीयों के लिए 30 दिन तक वीजा फ्री एंट्री
प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही आसान करने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ। उज्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच जन-जन के संपर्क, पर्यटन और कारोबारी आदान-प्रदान को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उज्बेकिस्तान में चलेगा यूपीआई
डिजिटल सहयोग के तहत एनपीसीआई और उज्बेकिस्तान के नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर के बीच वाणिज्यिक समझौता हुआ। इसके लागू होने के बाद भारतीय यात्री यूपीआई ऐप के जरिए उज्बेकिस्तान में कोड स्कैन कर दुकानों पर भुगतान कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। किर्गिस्तान के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष अदेलबेक कासिमालियेव ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इस दौरान पारंपरिक किर्गिज नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से हुआ। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि सम्मेलन में 10 सदस्य देश, 15 साझेदार देश और दो पर्यवेक्षक देश क्षेत्रीय एवं सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एकत्र होंगे।
