September 24, 2026

मप्र की पावन धरा पर रफ्तार भर रहे हैं चीते और बढ़ा रहे हैं अपना कुनबा : मुख्यमंत्री डॉ यादव

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-मुख्यमंत्री ने दो चीते और तीन शावकों को बाड़े से स्वछंद विचरण के लिये किया मुक्त

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बुधवार को पालपुर-कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा और धीरा तथा आशा के तीन शावकों को बाड़े से खुले जंगल में स्वछंद विचरण के लिए मुक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देखकर अत्यंत सुख की अनुभूति होती है कि कभी एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीते आज मध्य प्रदेश की पावन धरा पर रफ्तार भर रहे हैं और अपना कुनबा भी बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “जीव चराचर जंतु समाना’’ की भावना वाले मध्य प्रदेश की धरा अद्भुत है, जो वन्य-जीवों की आश्रय-स्थली बन गई और कई विलुप्तप्राय वन्य-प्राणियों की अठखेलियों का आंगन है। हम आने वाली पीढ़ियों के लिये वन्य-जीवन को सहेज कर रखने और जैव-विविधता के संरक्षण के लिये प्रतिबद्ध हैं और आगे भी ऐसे नवाचारों के मध्यप्रदेश की पुण्य धरा को गौरवान्वित करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि चीतों की पुनर्स्थापना से कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले दो चीते खुले जंगल में छोड़े थे, जिससे वन्य जीवन में चीतों की पुन: बसाहट हुई है। यह मेरा सौभाग्य है कि आज पांच चीतों को जंगल में छोड़ने का अवसर मिला है। मैं प्रदेशवासियों को इसकी बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि परमात्मा करे कि यह चीते अच्छे से बढ़ें और पर्यटकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बन सकें। उन्होंने वन्य-जीव संरक्षण और नेशनल पार्क की जैव-विविधता की सुरक्षा में जुटे कर्मियों के समर्पण की सराहना की और उनके कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्यमंत्री ने कूनो अभयारण्य में ईको-टूरिज्म की पहल को प्रोत्साहित किया। इससे न केवल संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिये रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि चीतों की पुनर्स्थापना के लिये भविष्य में कूनो राष्ट्रीय उद्यान को एक आदर्श वन्य-जीव अभयारण्य बनाने के लिये आवश्यकतानुसार प्रबंध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव को ग्रामीण आजीविका मिशन की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने जड़ी-बूटियों से निर्मित राखी भेंट की।

बतादें कि कूनो नेशनल पार्क से अभी तक सात चीतों को जंगल में स्वछंद विचरण के लिये छोड़ा गया है। कूनो में वीरा के नये दो शावकों को मिलाकर कुल 26 चीते हो गये हैं। इन चीतों की मॉनीटरिंग के लिये दो दल गठित किये गये हैं, जो छोड़े गये शावकों की निगरानी और सुरक्षा करेंगे। कूनो नेशनल पार्क में चीता रिलीज कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर-चंबल कमिश्नर मनोज खत्री, आईजी सुशांत सक्सेना, श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा, सीसीएफ उत्तम शर्मा और डीएफओ कूनो आर. थिरुकुराल सहित प्रशासनिक एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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