July 31, 2026

भारत की 117 सबसे प्रभावशाली महिला लीडर्स के पास 39 लाख करोड़ की संपत्ति, 84% ने खुद बनाया कारोबार

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नई दिल्ली। भारत में महिला नेतृत्व लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।  भारत की 117 सबसे प्रभावशाली महिला लीडर्स के पास 39 लाख करोड़ की संपत्ति, 84% ने खुद बनाया कारोबार
नई दिल्ली। भारत में महिला नेतृत्व लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वर्ष 2026 की कैंडेरे-हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स सूची के अनुसार, देश की 117 सबसे प्रभावशाली महिला लीडर्स के पास संयुक्त रूप से करीब 39 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। यह राशि फिनलैंड की अनुमानित जीडीपी (करीब 32 लाख करोड़ रुपये) से भी अधिक है। रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि सूची में शामिल 84 प्रतिशत यानी 98 महिलाओं ने अपनी पहचान और संपत्ति विरासत से नहीं, बल्कि अपने दम पर बनाई है।
12 क्षेत्रों की महिला लीडर्स को मिली जगह

रिपोर्ट में कारोबार, खेल, सामाजिक सेवा, स्टार्टअप, मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और साहित्य समेत 12 अलग-अलग श्रेणियों की महिलाओं को शामिल किया गया है। इसमें बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ, एचसीएलटेक की रोशनी नादर मल्होत्रा, लेखिका सुधा मूर्ति, पैरा एथलीट अवनि लेखरा और कंटेंट व सोशल मीडिया क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।

सबसे युवा और सबसे वरिष्ठ कौन?

इस सूची में 19 वर्षीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी सबसे युवा प्रभावशाली महिला हैं, जबकि 86 वर्षीय उद्योगपति रजनी बेक्टर सबसे वरिष्ठ महिला लीडर के रूप में शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ के लिंक्डइन पर सबसे अधिक 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। सूची में शामिल 33 महिलाओं ने अपने करियर के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य का रुख किया, जबकि दो महिलाओं ने विदेश जाकर अपनी पेशेवर पहचान बनाई।

वहीं, एचसीएलटेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ‘वेल्थ मल्टीप्लायर’ श्रेणी में शीर्ष पर रहीं। उनकी अनुमानित संपत्ति 2.84 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।

किन शहरों से हैं सबसे ज्यादा महिला लीडर्स?

प्रभावशाली महिला लीडर्स की संख्या के मामले में मुंबई पहले स्थान पर है, जहां से 26 महिलाओं ने सूची में जगह बनाई। दिल्ली 21 महिलाओं के साथ दूसरे, बेंगलुरु 16 के साथ तीसरे, गुरुग्राम 6 के साथ चौथे और पुणे 5 महिलाओं के साथ पांचवें स्थान पर है।

हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में मुंबई से सूची में शामिल महिलाओं की संख्या 12 कम हुई है, जबकि दिल्ली से आने वाली प्रभावशाली महिलाओं की संख्या में 8 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट बताती है कि भारत में महिला उद्यमिता, नेतृत्व और नवाचार का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है और अधिक महिलाएं अपने दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।
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