घर में चाहते हैं सुख समृद्धि और वैभव तो जानिए माता लक्ष्मी को क्या पसंद है और किन बातों से होती हैं प्रसन्न
माता लक्ष्मी को सबसे अधिक स्वच्छता पसंद है। इसलिए घर मंदिर रसोई और मुख्य द्वार को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए। माना जाता है कि जहां गंदगी होती है वहां लक्ष्मी का स्थायी निवास नहीं होता। सुबह और शाम घर में दीपक जलाना और नियमित रूप से पूजा करना भी शुभ माना गया है। इससे घर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक बना रहता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है। कमल पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। शुक्रवार के दिन कमल का फूल अर्पित करके मां लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही सफेद और गुलाबी पुष्प अर्पित करना भी शुभ माना गया है। पूजा में खीर मिश्री बताशे नारियल और ताजे फलों का भोग लगाने से भी माता प्रसन्न होती हैं।
दान और सेवा को भी लक्ष्मी प्राप्ति का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भूखे को भोजन कराना और गरीबों को वस्त्र दान करना पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति अपनी आय का एक हिस्सा समाज सेवा और दान में लगाता है उस पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है।
सत्य और ईमानदारी भी माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय हैं। छल कपट झूठ और बेईमानी से कमाया गया धन कभी स्थायी सुख नहीं देता। इसलिए हमेशा मेहनत और ईमानदारी से कमाई गई आय को ही शुभ माना गया है। परिवार में प्रेम सम्मान और मधुर व्यवहार रखने वाले लोगों के घर भी लक्ष्मी का वास माना जाता है।
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष माना गया है। इस दिन सफेद वस्त्र धारण कर श्रद्धा भाव से लक्ष्मी पूजन करना दीपक जलाना और श्रीसूक्त या लक्ष्मी मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। तुलसी के पास दीपक जलाने और शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीप रखने की परंपरा भी समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
धार्मिक मान्यता यह भी कहती है कि आलस्य क्रोध अपव्यय और नकारात्मक सोच से मां लक्ष्मी दूर हो जाती हैं। इसलिए समय का सदुपयोग करना घर में अनुशासन बनाए रखना और सकारात्मक विचार रखना भी आवश्यक माना गया है। जब व्यक्ति अपने जीवन में सदाचार सेवा स्वच्छता और श्रद्धा को स्थान देता है तब धन के साथ साथ मानसिक शांति और पारिवारिक सुख भी प्राप्त होता है। यही कारण है कि माता लक्ष्मी की कृपा केवल धन तक सीमित नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन को सुखमय बनाने वाली मानी गई है।
