गाजीपुर में सिपाही और नाबालिग छात्रा के आरोपों से मामला गरमाया, शादी का झांसा और ब्लैकमेलिंग के दावों की जांच की मांग
गाजीपुर । उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा ने एक पुलिस कांस्टेबल पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि सिपाही मोहित यादव ने उससे शादी करने का वादा किया था लेकिन अब उसकी शादी कहीं और तय हो गई है। दूसरी ओर सिपाही ने छात्रा के आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया है कि उसे फंसाया जा रहा है। दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों के बीच मामला जांच का विषय बना हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छात्रा ने 20 अक्टूबर को एक वीडियो जारी कर अपने साथ कथित शोषण की बात कही थी। उसने आरोप लगाया कि सिपाही से उसकी मुलाकात तीन मई 2026 को ट्रेन में हुई थी। वह अपनी बुआ के साथ लखनऊ घूमने गई थी और वापस लौटते समय ट्रेन में मोहित यादव से बातचीत शुरू हुई। छात्रा के अनुसार मोहित ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और अपना मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ गईं।
छात्रा का आरोप है कि मोहित ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और उसे होटल ले जाने लगा। इसी दौरान उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाए गए। छात्रा के मुताबिक बाद में सिपाही ने उस पर दूसरे लोगों से मिलने का दबाव बनाया और कथित तौर पर निजी तस्वीरों के जरिए उसे डराया। उसने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों के पास उसे भेजा गया और उसके साथ गलत काम हुआ। ये सभी आरोप छात्रा की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
छात्रा का कहना है कि अब मोहित की शादी कहीं और तय हो गई है। उसने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उस पर अपना बयान बदलने का दबाव बनाया गया। उसके मुताबिक सिपाही ने फोन पर उससे कहा कि वह बालिग होने के बाद शादी कर सकता है और उसे शिकायत में लगाए गए आरोप वापस लेने चाहिए। छात्रा ने यह भी कहा कि उसके परिवार पर बदनामी के डर से मामला खत्म करने का दबाव है और उसे न्याय पाने के लिए अलग-अलग अधिकारियों के पास जाना पड़ रहा है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसे या उसके परिवार को कोई नुकसान होता है तो इसके लिए मोहित जिम्मेदार होगा। इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर सिपाही मोहित यादव ने छात्रा के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि ट्रेन में पहली बार छात्रा से मुलाकात हुई थी। उसके मुताबिक किसी व्यक्ति द्वारा छात्रा का वीडियो बनाए जाने पर उसने मदद की थी और बाद में छात्रा ने खुद उसका नंबर मांगा था। मोहित ने स्वीकार किया कि दोनों की बातचीत होती थी और वे मिलते भी थे लेकिन उसने यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोपों को गलत बताया। उसने छात्रा पर लोगों को फंसाकर पैसे वसूलने का आरोप भी लगाया है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण रिपोर्ट में सामने नहीं रखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक मोहित यादव वर्ष 2025 बैच का सिपाही है और उसकी तैनाती गाजीपुर के गहमर थाने की भदौरा चौकी पर है। छात्रा दिलदार नगर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। छात्रा ने पांच अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत लेकर जाने की बात कही है। इसके बाद 17 अक्टूबर को जमानिया के क्षेत्राधिकारी के समक्ष उसका बयान दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। छात्रा का आरोप है कि इसके बाद भी उसे दबाव का सामना करना पड़ा।
मामले में एक पक्ष ने यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं जबकि दूसरे पक्ष ने उन्हें निराधार बताया है। चूंकि शिकायतकर्ता नाबालिग है इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और उसकी सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस को आरोपों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों की जांच करनी होगी ताकि वास्तविक घटनाक्रम सामने आ सके। फिलहाल किसी भी पक्ष के दावे को जांच के निष्कर्ष या अदालत में साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
