नासिक में फिर डोली धरती, 3 दिन में चौथी बार भूकंप के झटके; सिंगरौली में भी कांपी जमीन
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में शनिवार रात एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। लगातार तीसरे दिन धरती हिलने से इलाके में दहशत का माहौल है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 5 किलोमीटर नीचे बताया गया है।
अचानक धरती हिलने के बाद कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक भूकंप के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
तीन दिन में चौथी बार हिली नासिक की धरती
नासिक में पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। शनिवार का भूकंप तीन दिनों के भीतर चौथा झटका था।
इससे पहले 6 अगस्त को नासिक में तीन बार भूकंप आया था। उस दिन दर्ज किए गए झटकों की तीव्रता क्रमशः 2.8, 3.6 और 2.5 थी। लगातार हो रही हलचल के कारण स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
रिसर्चर्स के मुताबिक, किसी इलाके में लगातार छोटे भूकंपीय झटके आने के पीछे जमीन के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल एक वजह हो सकती है। हालांकि, इन झटकों से भविष्य में किसी बड़े भूकंप की संभावना का सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
सिंगरौली में भी आया भूकंप
शनिवार को मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भी धरती कांपी। दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 दर्ज की गई।
नासिक की तरह सिंगरौली में भी अभी तक किसी नुकसान की सूचना नहीं है। एक ही दिन में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद दोनों घटनाओं को लेकर लोगों में चर्चा है। हालांकि, दोनों भूकंपों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह वैज्ञानिक जांच का विषय है।
जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही
भूकंप के झटकों से सिर्फ भारत ही नहीं, जापान भी प्रभावित हुआ है। 28 जुलाई को जापान के कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके बाद वहां बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है, जबकि 6,500 से ज्यादा लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। करीब 205 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 23 की हालत गंभीर बताई गई है।
भारत में नासिक और सिंगरौली में आए भूकंप अपेक्षाकृत कम तीव्रता के रहे और फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है। फिर भी नासिक में कम समय के भीतर बार-बार आ रहे झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
