– आमिर व राशिद नाम के युवकों ने जमा कराए थे आधार कार्ड, तीसरा बैठा रहा था आटो में
– आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज पर डाला गया था पुलवामा का पता
दिल्ली के विस्फोट में प्रयोग की गई आइ-20 कार को इसी मकसद के लिए ही खरीदा गया था। आतंकियों को यही कार विस्फोट में शामिल करनी थी। इसलिए उन्होंने फरीदाबाद के पुरानी कार बेचने वाले डीलर से संपर्क किया था, क्योंकि उसने कार बेचने के बारे में ओएलएक्स पर जानकारी डाली थी। 29 अक्टूबर को तीन संदिग्ध लोग कार की डिलीवरी लेने सेक्टर-37 स्थित रायल कार जोन के मालिक अमित पटेल के पास आए थे। इनमें दो लोगों ने अपने दस्तावेज जमा कराए थे, जबकि तीसरा युवक आटो में ही बैठा रहा। कार खरीदने वालों ने जो दस्तावेज उनके पास जमा कराए, वे सभी पुलवामा के पते पर बने हुए थे। कार खरीदने के बाद उन्होंने वहीं करीब में स्थित नायरा पेट्रोल पंप के प्रदूषण जांच केंद्र से प्रमाण पत्र भी बनवाया, ताकि दिल्ली पुलिस न रोके।
बुधवार को रायल कार जोन के मालिक अमित पटेल और वहां काम करने वाले सोनू को दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। अमित ने गाड़ी बेचने के दौरान युवकों ने जो दस्तावेज दिए थे, वह सभी पुलिस को सौंप दिए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी दी। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी कार जोन के मालिक को क्लीन चिट नहीं दी गई है। दिल्ली बम विस्फोट में प्रयोग आइ-20 कार को सेक्टर-37 स्थित रायल कार जोन से खरीदा गया था। दिल्ली पुलिस ने अमित और सोनू को सोमवार रात हिरासत में लिया था।
गाड़ी देखते ही खरीदने के लिए भरी हामी
अमित पटेल ने बताया कि उनके पास 29 अक्टूबर को आमिर और राशिद नाम के दो युवक कार खरीदने आए थे। उन्होंने आइ-20 कार का फोटो ओलएक्स पर देखा था। उन्होंने गाड़ी को देखते ही उसे खरीदने के लिए हामी भर दी। इधर, अमित ने शाम को ही गाड़ी की डिलीवरी ले जाने के लिए कहा। इसके बाद दोनों ने शाम के समय आकर गाड़ी ली। उन्होंने कहा कि वह दोनों एक आटो में गाड़ी लेने आए थे। उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, लेकिन वह आटो से उतरकर नहीं आया। इसलिए वह उसे पहचान नहीं पाए।