March 8, 2026

Delhi car explosion- धमाके में इस्तेमाल आइ-20 कार का 11 घंटे का रूट मैप आया सामने

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Delhi blast-bomb

– फरीदाबाद से निकली थी कार, राजधानी में कई जगहों से गुजरी
– लाल किले के पास पार्किंग क्षेत्र में करीब तीन घंटे तक खड़ी रही

जागरण टीम, नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को उस आइ-20 कार का 11 घंटे का रूट मैप ढूंढ निकाला, जिसमें सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका हुआ था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि कार सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे फरीदाबाद में एशियन अस्पताल के बाहर पहली बार देखी गई थी। सुबह 8:13 बजे यह कार बदरपुर टोल प्लाजा पार करके दिल्ली में दाखिल हुई। इसी बीच उसे सुबह 8:20 बजे ओखला औद्योगिक क्षेत्र के पास एक पेट्रोल पंप के पास देखा गया। यह कार दोपहर 3:19 बजे लाल किले के पास पार्किंग क्षेत्र में घुसी, जहां वह करीब तीन घंटे तक खड़ी रही। कार शाम 6:22 बजे पार्किंग से निकली और लाल किले की तरफ बढ़ी। निकलने के ठीक 24 मिनट बाद शाम 6:52 बजे चलती इस कार में धमाका हुआ।

100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे, अकेला था हमलावर : जांचकर्ता धमाके से पहले और बाद में हुए संभावित कम्युनिकेशन लिंक की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सभी फुटेज में चालक अकेला दिख रहा है। दरियागंज की तरफ जाने वाले रास्ते की जांच की जा रही है और कार के मूवमेंट का पता लगाने के लिए आसपास के टोल प्लाजा के फुटेज समेत 100 से अधिक सीसीटीवी क्लिप/फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

डंप डाटा का किया जा रहा इस्तेमाल : जांचकर्ताओं ने फरीदाबाद तक भी विश्लेषण बढ़ा दिया है और घटना से जुड़े लोगों के बीच कम्युनिकेशन पैटर्न का पता लगाने के लिए डंप डाटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। धमाके के तुरंत बाद जो डिवाइस इन-एक्टिव हो गए थे, उन्हें ट्रैक करने के लिए आइपीडीआर (इंटरनेट प्रोटोकाल डिटेल रिकार्ड) एनालिसिस किया जा रहा है। इससे पकड़े जाने से बचने की कोशिश करने वालों की जानकारी मिल सकती है।

Delhi car explosion: दिल्ली को दहलाने वाली कार के सात महीने में बदले तीन मालिक

लाल किले के सामने कहर बरपाने वाली हरियाणा नंबर की आइ-20 कार (एचआर 26-सीई 7674) कई हाथों को बेची और खरीदी जाती रही। सात महीनों में ही इस कार के तीन मालिक बदल गए। 2014 माडल की यह पेट्रोल कार गुरुग्राम में रजिस्टर्ड है।
जांच में पता चला है कि यह कार गुरुग्राम के शांति नगर के रहने वाले मोहम्मद सलमान की थी। उसने इसी साल मार्च में सेकेंड हैंड कारों की खरीद व बिक्री करने वाली कंपनी स्पिनी को इसे बेच दिया था। स्पिनी से कार ओखला के रहने वाले देवेंद्र नाम के एक शख्स ने खरीदी थी। देवेंद्र सेकेंड हैंड कारों की खरीद-बिक्री करता है। उसने फरीदाबाद में अपना आफिस खोल रखा है। देवेंद्र ने कुछ माह बाद कार को फरीदाबाद के रहने वाले सोनू उर्फ सचिन को बेच दिया। सचिन से कुछ हफ्ते पहले ही जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले डा. उमर नबी बट ने कार खरीद ली। दस्तावेज की कुछ समस्या आने पर उमर ने अपने परिचित पुलवामा निवासी आमिर के दस्तावेज कार खरीदने में इस्तेमाल किये थे। पुलिस को शक है कि जांच एजेंसियों से बचने के लिए ऐसा पैंतरा अपनाया गया हो। डा. उमर मोहम्मद भी एमबीबीएस कर चुका है, उसने फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। वह वहा रेजीडेंट था।

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