July 26, 2026

राम मंदिर चढ़ावा मामले में नई SIT की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट में 3 IPS अधिकारियों का पैनल पेश करेगी यूपी सरकार

0
photo5-1-1785039888

लखनऊ। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन मामले की सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार नई विशेष जांच टीम (SIT) के गठन के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित एसआईटी में लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस, अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर को शामिल करने का प्रस्ताव है। इन नामों पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा।

इससे पहले गठित एसआईटी में लखनऊ मंडल के तत्कालीन कमिश्नर विजय विश्वास पंत और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार शामिल थे। अब उनकी जगह दो आईपीएस अधिकारियों को शामिल करने की तैयारी की गई है।

पहले भी हुई थी कार्रवाई
राम मंदिर में चढ़ावे के आभूषणों के कथित गबन की शिकायत के बाद यूपी सरकार ने एसआईटी से जांच कराई थी। जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। इसी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के एक अन्य पदाधिकारी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

पुराने पहचान पत्रों से फिर मिलेगी एंट्री
इस बीच मंदिर प्रशासन ने निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए एक अंतरिम फैसला लिया है। हाल ही में अमान्य किए गए चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पुराने पहचान पत्र और प्रवेश पास फिलहाल दोबारा मान्य कर दिए गए हैं। नई पास व्यवस्था लागू होने तक अधिकृत कर्मचारी, इंजीनियर और तकनीकी अधिकारी इन्हीं पहचान पत्रों के आधार पर मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।

निर्माण कार्य प्रभावित होने के बाद लिया गया फैसला
ट्रस्ट के नेतृत्व में बदलाव के बाद पुराने पहचान पत्रों पर रोक लगा दी गई थी, जिससे मंदिर निर्माण से जुड़ी एजेंसियों के कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश में दिक्कतें आने लगी थीं। एलएंडटी, टाटा, इंडिया इंजीनियर्स लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम जैसी संस्थाओं के इंजीनियरों और कर्मचारियों के काम पर भी इसका असर पड़ा। मंदिर परिसर में चारदीवारी, संग्रहालय, ट्रस्ट कार्यालय और विश्राम गृह सहित कई परियोजनाओं का कार्य बाधित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल पुराने पासों को अस्थायी रूप से फिर से वैध करने का निर्णय लिया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *