July 26, 2026

सरकार-CJP वार्ता के बाद दिखी सौहार्द की तस्वीर, JP नड्डा बोले- 'हाथ तो मिलाइए'; गर्मजोशी से हुआ हैंडशेक

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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी। समझौते के बाद दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर एक आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP नेताओं से हाथ मिलाकर बातचीत के सकारात्मक माहौल का संदेश दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त होने के बाद जब दोनों पक्ष उठने लगे, तभी जेपी नड्डा ने मुस्कुराते हुए CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका से कहा, “हाथ तो मिलाइए…”। इस पर रांका भी मुस्कुरा दिए और आगे बढ़कर उन्होंने नड्डा से हाथ मिलाया। इसके बाद CJP के दूसरे प्रवक्ता सौरव दास ने भी जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से हाथ मिलाया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है।

20 जून से चल रहा था आंदोलन
CJP के नेतृत्व में 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन जारी था। आंदोलन में देशभर के हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया और कई विपक्षी दलों ने भी इसका समर्थन किया। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए विवाद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद आंदोलन ने और तूल पकड़ लिया था। इसी दिन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर सरकार और CJP के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई थी। इसके बाद लगातार तीन दौर की बातचीत के जरिए दोनों पक्ष सहमति तक पहुंचे।

आंदोलन समाप्त करने का ऐलान
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से तय समयसीमा में सहमत बिंदुओं को लागू करने के आश्वासन के बाद संगठन आंदोलन वापस ले रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 3 मई के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई है। वहीं, प्रवक्ता आशुतोष रांका ने देशभर के छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की। उनका कहना था कि संगठन की सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बन चुकी है।

चार सप्ताह बाद होगी समीक्षा बैठक
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार आंदोलन से जुड़े छात्रों को उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रतियां उपलब्ध कराएगी और भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पांच सूत्रीय मांगों के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच चार सप्ताह बाद फिर बैठक आयोजित की जाएगी।

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