कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में 19 मौतों के बाद भाजपा विधायक सजल घोष के ‘नसीब’ वाले बयान पर विवाद
सजल घोष ने कहा कि ऐसी घटनाओं में गलतियां हो सकती हैं और किसी भी व्यवस्था को सौ फीसदी सुरक्षित नहीं माना जा सकता। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह नसीब की बात है और कोई नहीं बता सकता कि रात में क्या होने वाला है। उनके इस बयान के बाद हादसे के समय की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विधायक ने कहा कि किसी दुर्घटना को पूरी तरह रोक पाना हमेशा संभव नहीं होता। उन्होंने अमेरिका में राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी सुरक्षा व्यवस्था हर परिस्थिति में पूरी तरह सफल नहीं रही है। उन्होंने भारत के दो प्रधानमंत्रियों की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि गलतियां हो जाती हैं और दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं दी जा सकती।
सजल घोष ने यह भी कहा कि अभी यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि चोरबागान पंडाल में हुई भगदड़ के लिए गलती किस स्तर पर हुई। उनके मुताबिक, अगर बारिश नहीं हुई होती तो संभव है कि ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने किसी तरह की जानकारी छिपाने की कोशिश किए जाने की बात से भी इनकार किया। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के तथ्यों के आधार पर ही सामने आ सकेगा।
घटना के बाद सात लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान, उनकी भूमिका और उन पर लगाए गए आरोपों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
विधायक ने पीड़ित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मृतकों में से दो लोग उनके विधानसभा क्षेत्र के निवासी थे। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही गई है।
इस हादसे ने दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने वाले आयोजनों में प्रवेश और निकास की व्यवस्था, भीड़ की निगरानी तथा मौसम से जुड़ी परिस्थितियों को संभालना महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, चोरबागान पंडाल में इन व्यवस्थाओं में कहां कमी रही, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
सजल घोष के बयान को लेकर उठे विवाद के बीच हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और घायल हुए श्रद्धालुओं की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण बनी हुई है। परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। जांच से जुड़े तथ्यों के स्पष्ट होने के बाद ही यह निर्धारित हो सकेगा कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन कदमों की आवश्यकता है।
