सांसद पार्थ भौमिक के खिलाफ बैरकपुर में लगे विवादित पोस्टर, पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ा तनाव।
दीर्घकालिक राजनीतिक करियर वाले पार्थ भौमिक लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। वे 2011 से 2021 के बीच तीन बार विधायक चुने गए और इसके बाद 2024 के आम चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बैरकपुर से सांसद बने थे। हालांकि, राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद उन्होंने पार्टी और इंडिया गठबंधन से दूरी बना ली तथा नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया का हिस्सा बनकर बीजेपी को अपना समर्थन दे दिया। दिल्ली में शीर्ष नेताओं के साथ उनकी बैठकों और तस्वीरों के सार्वजनिक होने के बाद से ही उनके खिलाफ राजनीतिक विरोध मुखर होने लगा था।
बैरकपुर क्षेत्र में दिखे इन पोस्टरों पर किसी राजनीतिक दल का आधिकारिक नाम दर्ज नहीं है, बल्कि इन्हें स्थानीय नागरिकों के नाम से लगाया गया है। पोस्टरों में भौमिक की तस्वीर के साथ जनता से विश्वासघात करने के आरोप जड़े गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में तृणमूल कांग्रेस और बागी नेताओं के बीच की कड़वाहट को और अधिक गहरा कर दिया है। स्थानीय स्तर पर इन पोस्टरों के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि पार्टी बदलने और गठबंधन बदलने के फैसले से क्षेत्र के उन लाखों मतदाताओं में भारी नाराजगी है, जिन्होंने उन्हें 2024 के चुनाव में अपना समर्थन दिया था। विरोधियों का दावा है कि यह आक्रोश आम जनता और मतदाताओं की भावना का परिणाम है जो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वहीं, समर्थक इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित और विरोधी दलों की हताशा का नतीजा बता रहे हैं।
संसदीय क्षेत्र में पोस्टरों के जरिए शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बंगाल की भावी राजनीति में बढ़ते तनाव का स्पष्ट संकेत दे रहा है। दिल्ली में बैठकों के बाद उभरे इस विवाद से बैरकपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर विरोध और समर्थन की राजनीति और तीखी होने की संभावना जताई जा रही है।
