October 14, 2026

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद CJP के तीन नेता गिरफ्तार, बिना अनुमति कर रहे थे प्रवेश

0
photo-1-1-1791949829

नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। तीनों को एसईएम कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले पुलिस ने कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के मामले में सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि तीनों नेताओं को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, प्राथमिकी में शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन से संबंधित धाराएं भी शामिल की गई हैं।

यह कार्रवाई उस समय हुई, जब CJP के कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग के बीच जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। हाल ही में जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया गया है।

CJP का दावा- करीब 11 कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए

मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के कुछ अन्य सदस्यों को निषेधाज्ञा का कथित उल्लंघन कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद हिरासत में लिया गया था। CJP का दावा है कि उसके करीब 11 सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। इस दौरान कुछ CJP कार्यकर्ता थाने के बाहर जमा हो गए, जिसके बाद थाने और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

CJP के संस्थापक दीपके ने संगठन की कार्रवाई को जंतर-मंतर पर दोबारा अपना अधिकार जताने की कोशिश बताया। उनका कहना है कि प्रदर्शन स्थल को निर्धारित स्थानों की सूची से हटाए जाने के बावजूद संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।

एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर मिली थी रिहाई

इससे पहले शनिवार को भी दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था। उस समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो सका था।

तीनों को एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। पुलिस के अनुसार, मौजूदा मामले में पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

प्रदर्शन के लिए नए स्थान तय किए जाने पर विवाद

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक स्थायी आदेश जारी किया था। इसमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए निर्धारित स्थलों के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।

CJP का कहना है कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने की घोषणा 12 अक्टूबर को हुई। संगठन के मुताबिक, इसी दिन उसके प्रतिनिधि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय कराने के उद्देश्य से संसद मार्ग थाने पहुंचे थे।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद पुलिस की कार्रवाई से CJP और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। संगठन ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है, जबकि पुलिस ने निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन और शांति बनाए रखने की शर्तों से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *